भारत बोला चीन से, लेकर आओ सड़क बनाने वाली मशीनें

0
22

भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने जब सबूत पेश किए तो वे वापस चले गए, लेकिन अपने साथ लाई गई खुदाई की दो मशीनें रहस्यमय ढंग से भारतीय इलाके में ही छोड़ गए। भारत ने चीनी पक्ष को संदेश भेजा है कि वे अपनी मशीनें ले जाएं। मामले को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच उपलब्ध मौजूदा व्यवस्था के तहत संपर्क किया गया है।

बुधवार को प्रवक्ता ने कहा कि सीमा से जुड़े विवाद दोनों देश मौजूदा व्यवस्था के तहत सुलझाने में सक्षम हैं और सीमा पर शांति दोनों देशों के हित में है। सीमावर्ती इलाके में सड़क बनाने के लिए चार स्टेज पर काम होता है अलाइनमेंट, फॉर्मेशन और कारपेटिंग। सर्वे के तहत सड़क बनाने के लिए इलाके का जायजा लिया जाता है। टूटिंग में सर्वे का काम चीनियों ने कब किया, इसका पता सुरक्षा एजेंसियों को नहीं चल सका।

करीब 400 मीटर तक फॉर्मेशन का काम भी पूरा हो चुका था। भारत की ओर से भी इस इलाके में सड़क बनाने पर काम किया जा रहा है। चीनी सैनिकों की चौकी मौके से करीब डेढ़ किलोमीटर पीछे हैं। चीनी सैनिकों की चौकी तक पक्की सड़क है और वे उसके आगे सड़क बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत, चीन और भूटान की सीमाओं के जंक्शन डोकलाम में पिछले साल दोनों देशों की सेनाओं का आमना-सामना करीब ढाई महीने तक चला था।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बुधवार को भारतीय सीमा के अंदर घुसने की बात पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि वह अरुणाचल प्रदेश का अस्तित्व नहीं मानता है। गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश को चीन दक्षिण तिब्बत मानता है। उसका मानना है कि अगर पूरा प्रदेश न सही तो इसका तवांग इलाका उसे सौंप दिया जाना चाहिए। वह भारतीय नेताओं की अरुणाचल यात्रा पर ऐतराज जताता रहा है।

Comments

comments