उत्तर प्रदेश : अगर बिना इजाज़त के लाउडस्पीकर बजाया तो होगी 5 साल की जेल

0
186

यूपी : हाई कोर्ट की सख्ती के बाद गृह विभाग ने सभी जिलों के अफसरों को आदेश दिया है कि बिना परमिशन बजाए जा रहे लाउडस्पीकरों को 20 जनवरी तक उतरवा दें। इसके बाद आदेश का उल्लंघन करने वालों को पांच साल का कारावास या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश दिए हैं कि राजस्व और पुलिस की एक टीम बनाकर 10 जनवरी तक ऐसे धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों को चिह्नित कर लें, जहां बिना परमिशन के लाउडस्पीकर बजाए जा रहे हैं। सभी को 15 जनवरी तक का समय देकर तय प्रारुप के मुताबिक परमिशन लेने का नोटिस दें।

आगे कहा जिन्हें लाउडस्पीकर या आवाज वाले अन्य यंत्र लगाने की अनुमति दी जाए, वहां भी ध्वनि प्रदूषण नियम-2000 के अंतर्गत क्षेत्र और समय के अनुसार निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन कराया जाए। नियम न मानने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। शादी समारोहों, जुलूस और जलसों के दौरान भी इनका पालन कराया जाए। बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने पर कड़ी सजा का प्राविधान है।

पर्यावरण (संरक्षण) 1986 अधिनियम की धारा 15 के तहत यह दंडनीय अपराध है। इसका उल्लंघन करने पर पांच साल का कारावास या एक लाख का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। इसके तहत हर दिन के उल्लंघन के पांच हजार रुपये प्रतिदिन की सजा अलग से है। ध्वनि प्रदूषण नियम-2000 का सख्ती से पालन कराने के लिए सरकार ने क्या किया है

Comments

comments