खट्टर सरकार ने किया गीता में घोटाला, खरीदी 38 हज़ार में

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क्या अपने कभी देखा या सुना है कि लोग किस हद तक गिर सकते है. अगर नहीं तो आज हम आपको बताने जा रहे है कि आखिर एक इंसान किस हद तक गिर सकता है. जी हाँ आपको बतादे कि पिछले साल आयोजित हुआ इंटरनेशनल गीता फेस्टिवल में बेतहाशा खर्चे को लेकर हरियाणा की खट्टर सरकार पहले ही सवालों के घेरे में है.

हालाँकि इस मामले को लेकर एक RTI खुलासे ने खट्टर सरकार की और मुसीबते बढ़ा दी है. एक आरटीआई के जरिए खुलासा हुआ है कि हरियाणा सरकार ने गीता की 10 कॉपियां खरीदने पर लगभग 3.8 लाख रुपये का खर्चा किया है. यानी एक भगवत गीता की किताब 38,000 रुपये में खरीदी गई. इतनी महंगी गीता खरीदने पर अब विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) ने हरियाणा की बीजेपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.

वहीँ दूसरी और अगर बात करें तो लोक सभा सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा है श्रीमद् भागवत गीता ऑनलाइन और गीता प्रेस में बेहद ही कम दामों में उपलब्ध है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार को इस बात पर सफाई देनी चाहिए कि इतने ज्यादा दामों में गीता क्यों खरीदी गई. आरटीआई में इस बात का भी खुलासा हुआ है.

इतना ही नहीं इस महोत्सव में परफॉर्म करने के लिए बीजेपी सांसदों को भी पेमेंट की गई थी. हेमा मालिनी को 20 लाख और मनोज तिवारी को 10 लाख रुपये दिए गए थे. चौटाला ने ट्वीट कर कहा, ‘गीता जयंती पर खट्टर सरकार द्वारा 3,79,500 रुपये में गीता की दस कॉपियों की ख़रीद. वाह नरेंद्र मोदी जी, हरियाणा में कितनी ईमानदार सरकार है

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