सैफ और करीना चाहते है तैमूर को इस स्कूल में पढ़ाना

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अली ख़ान के बेटे तैमूर इतनी छोटी सी उम्र में भी कैमरे के सामने सहज नज़र आते हैं. राज कपूर और रणधीर कपूर की झलक मारने वाले तैमूर सोशल मीडिया पर काफ़ी लोकप्रिय हैं. एयरपोर्ट हो, नानी का घर, बर्थडे पार्टी या अपने ख़ुद के घर की बालकनी का झूला फ़ोटोग्राफ़र कहीं तैमूर का पीछा नहीं छोड़ते.

सैफ़ अली ख़ान ने फ़ैसला किया है कि तैमूर के 13 साल के होते ही उन्हें इंग्लैंड के किसी बोर्डिंग में भेज दिया जाएगा. बोर्डिंग स्कूल में पलना शहरों में पलने से बेहतर होता है. बोर्डिंग स्कूल में कई चीज़े सीखने को मिलती हैं जैसे घुड़सवारी, खेल वग़ैरह. वहां से आप बेहतर बनकर निकलते हैं. तैमूर बोर्डिंग जाने वाले पटौदी परिवार के पहले बच्चे नहीं होंगे.

इसे इब्राहीम कोठी के नाम से भी जाना जाता है. तैमूर के जन्मदिन में उनकी मौसी करिश्मा कपूर, उनके बच्चे और नानी बबीता भी शरीक हुए. इसके बाद तैमूर अपने परिवार के साथ नए साल का जश्न मनाने स्विट्ज़रलैंड चले गए. सैफ़ अली ख़ान बचपन में बहुत शरारती थे और उन्हें अपने पिता मंसूर अली ख़ान पटौदी से कई बार बेल्ट से मार भी पड़ी है.

फ़िल्म इंडस्ट्री में 25 साल बिता चुके सैफ़ अली ख़ान फ़िल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे’ में मुख्य किरदार निभाते अगर शाहरुख़ ख़ान फ़िल्म के लिए हामी ना भरते.आदित्य चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने शाहरुख़ को फ़िल्म ऑफ़र की लेकिन शाहरुख़ ने साफ़ तौर पर ‘हां’ या ‘ना’ नहीं बोला. तब आदित्य चोपड़ा ने सोचा कि अगर शाहरुख़ हां नहीं कहेंगे तो वे मेरे पास आएंगे.

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