अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एक और छात्र के आतंकवादी बनने वाली रिपोर्ट को किया ख़ारिज

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जैसा की सभी जानते है कि आतंकी संगठन एक ऐसा संगठन है जो की नई उम्र या फिर ज़्यादातर ऐसे लड़को को अपना निशाना बनाते है जिन्होंने कभी कोई क्राइम नहीं किया। लेकिन हम आपको आज एक ऐसी ही खबर के बारे में बताने जा रहे है जो आपको हिला देगी।

इतना ही नहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बारामूला के रहने वाले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के एक और छात्र के आतंकवादी बनने की रिपोर्ट को पुरे तौर से खारिज करते हुए कहा है कि वह नौजवान महाराष्ट्र में जॉब कर रहा है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने ट्विट किया कि मीडिया के एक हिस्से में आ रही बारामूला निवासी मुज़म्मिल हुसैन के एएमयू से लापता होने की रिपोर्ट गलत है,

लेकिन आपको अवगत करादे कि इन रिपोर्टों को खारिज किया जाता है। यह नौजवान अक्टूबर 2016 में महाराष्ट्र के नागपुर में अक्टूबर 2016 से मिनिरल एक्सप्लोरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एमईसीएल) में कार्यरत है। कुपवाड़ा निवासी एएमयू में पीएचडी कर रहे छात्र मन्नान बशीर वाणी के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने के कुछ ही दिन बाद मुज़म्मिल का भी आतंकवादी संगठन के साथ हाथ मिलाने की रिपोर्ट आई थी।

मन्नान के माता पिता, बहन और रिश्तेदारों ने उससे घर वापस आने की अपील की है। और उन्होंने कहा है कि तू जल्द से जल्द आपने घर आ जा और हम भी तेरे साथ रहना चाहते है. वहीँ पुलिस ने भी इस रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया है

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