मिसाइल की स्पीड से खींची जाती है MRI मशीन, बंद होने के बाद भी रहती है मैग्नेटिक फील्ड

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हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर सामने आ रही जो शायद ही आपने कभी सुनी होगी। जी हाँ आपको बतादे कि एमआरआई मशीन मिसाइल जितनी स्पीड से लोहे को अपनी ओर खींचती है। ऐसे में अगर सिलेंडर हो, वह भी किसी शख्स के हाथ में तो मशीन उसे और भी तेजी से खींचती है। इसमें व्यक्ति को गंभीर चोट भी लग सकती है।

आपको बतादे कि मुंबई की घटना के बारे में दिल्ली के रेडियोलॉजिस्ट का कहना है कि एमआरआई मशीन की मैग्नेट बेहद पावरफुल होती है। मुंबई में ऐसी एक घटना पहले भी हो चुकी है। दिल्ली के आरएमएल में भी एक बार ऐसा हुआ था, लेकिन तब किसी की जान नहीं गई थी। मुंबई के एक अस्पताल में अपनी मां से मिलने गए राजेश मारू नाम के युवक से एमआरआई रूम में ऑक्सिजन सिलिंडर ले जाने को कहा गया।

मीडिया के अनुसार इससे हाथ में पकड़ा हुआ सिलिंडर खुल गया और उसकी गैस मुंह के जरिए राजेश के पेट में चली गई। बेहद नाजुक हालत में राजेश को ट्रॉमा सेंटर लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। फोर्टिस के रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर अभिषेक बंसल का कहना है कि एमआरआई मशीन अपने आसपास इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनाती है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले मुंबई में टाटा हॉस्पिटल में भी ऐसी ही घटना हुई थी। इस बारे में एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉक्टर संदीप माखन ने बताया कि एमआरआई रूम में हमेशा मेटल की चीजों को बाहर रखने के लिए बोला जाता है। यहां तक कि अगर किसी को पेसमेकर लगाया जाता है तो उसका एमआरआई नहीं होता है।

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