कभी नहीं कहूँगी शाहरुख़ से पाकिस्तान में प्रचार करने के लिए

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हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमे आपको बतादें कि जैसे ही आप किस्सा ख्वानी बाज़ार की तरफ से पाकिस्तान के ख़ैबर पख्तूनख़्वाह प्रांत के पेशावर में कदम रखते हैं, आप संकरी गलियों में पहुंचते हैं जहां दोनों तरफ लकड़ी से बने पुराने घर हैं. इन संकरी गलियों में नारंगी रंग का एक छोटा-सा घर है जहां नूर जहां अपने बच्चों के साथ रहती हैं. वो बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता शाहरुख़ ख़ान की चचेरी बहन हैं.

इतना ही नहीं पाकिस्तान में इसी साल जुलाई में होने वाले आम चुनावों में नूरजहां भी उम्मीदवार के तौर पर उतरी हैं. वो ख़ैबर पख्तूनख़्वाह की असेंबली सीट पीके77 से चुनाव लड़ रही हैं. उनके नामांकन पत्र स्वीकार कर लिए गए हैं जिसके बाद वो अब चुनाव प्रचार की तैयारी में जुट गई हैं. उन्हें पूरी उम्मीद है कि वो चुनावों में जीत ज़रूर हासिल करेंगी.

लेकिन वो उन्हें पाकिस्तान आकर चुनाव अभियान का हिस्सा बनने के लिए नहीं कहेंगी. मैं शाहरुख़ ख़ान को ऐसा करने के लिए कभी नहीं कहूंगी क्योंकि मैं हमेशा से चाहती हूं कि इलाके में शांति रहे और उन्हें न्योता देने के बाद कुछ मुश्किलें पेश आ सकती हैं. मैं अपने इलाक़े में रहने वाले लोगों की मदद से अपना चुनाव अभियान खुद ही चलाऊंगी.

उनका कहना है कि वो महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक ना देने वालों के ख़िलाफ़ कड़े क़ानून बनाने का वो समर्थन करती हैं. नूरजहां कहती हैं कि जिस समाज में वो रहती हैं वहां पुरुषों के मुक़ाबले महिलाओं को चुनाव लड़ने के लिए कम ही मौक़े मिलते हैं और इस भेदभाव के कारण ही उन्होंने वो चुनाव लड़ने का फ़ैसला लिया है. अगर मैं आज चुनाव नहीं लड़ूंगी तो कौन सामने आएगा? किसी ना किसी को तो कदम उठाना पड़ेगा.

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