स्वतंत्रता दिवस से पहले ATS को मिली बड़ी कामयाबी, विस्फोटक के ज़खीरे के साथ सनातन धर्म संस्था का आतंकी गिरफ्तार

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देश भर में स्वतंत्रता दिवस क तैयारियां चल रहीं है ऐसे में देश की सुरक्षा के इंतजामात भी तेज़ कर दिए गये है. एटीएस ने मुंबई के नालासोपारा इलाके से बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है. आपको बता दें कि एटीएस की टीम ने सनातन धर्म से जुड़े शख्स वैभव राउत के घर पर छापेमारी कर उसके घर से 8 देसी बम बरामद किये है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर एटीएस काफी समय से इस शख्स पर अपनी नजर बनाए हुए थे. एटीएस की टीम को शक है कि यह आरडीएक्स हो सकता है. गौरतलब है कि वैभव राउत की दुकान और घर से बम मिलने से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है. वहीँ एटीएस की टीम को बड़ी मात्रा में गन पाउडर यानी की सल्फर के साथ ही कुछ डेटरोनेटर भी मिले हैं.

आपको बता दें कि, सनातन धर्म से जुड़े व्यक्ति के घर पर बम और उसे बनाने की सामग्री मिलना लोगों को हैरान कर रहा है. ऐसे में अब देश की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गये है.

सनातन संस्था क्या है?

सनातन संस्था की स्थापना 1999 में जयंत बालाजी आठवले ने की थी. सन 2007 में वासी, पनवेल और थाणे में बम धमाके, 2009 में गोवा के धमाके के अलावा 2013 में नरेन्द्र दाभोलकर व 2015 में गोविन्द पानसरे तथा एम् एम् कल्बुर्गी कि हत्या में भी इस संस्था का नाम आया था. लेकिन इसे आतंवादी संगठन अभी तक नहीं कहा गया.

संस्थान ‘सनातन प्रभात’ नाम का अख़बार, धार्मिक साहित्य का अलग-अलग भाषाओं में प्रकाशन, नियमित सत्संग मेले व भव्य हिन्दू धर्म जागृति परिषद जैसे उपक्रम चलाती है. इसी के साथ ही दिसम्बर 2008 से श्री शंकरा नाम के चैनल पर सनातन संस्था व हिन्दू जनजागृति समिति ने मिलकर धर्मसत्संग व धर्मशिक्षणवर्ग (धर्म के बारे में समाज में लोगों को जागृ‍त करना) नाम के दो कार्यक्रम प्रसारित करने शुरू किये.

भारत के अनेक राज्यों और विदेशों में सनातन संस्था के केन्द्र हैं जो मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को हिन्दू धर्म के “विज्ञान” से परिचित करवाने, उन्हें संगठित करने व उनका धार्मिक “उन्नयन” करने का काम करते हैं. “हिन्दू राष्ट्र” की स्थापना करने को अपना ध्येय बताने वाली ये संस्था ये भी दावा करती है कि उनके साधकों पर किसी धर्म के मूल्य लादे नहीं जाते. “धर्मद्रोहियों” के खिलाफ लड़ाई को संस्था ने हमेशा ही अपना मुख्य कार्यभार माना है. “क्षत्रिय धर्म”, “दुष्टों का नाश” जैसे शब्दों से आक्रामक धार्मिकता का प्रचार संस्था लगातार करती रही ह.

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