विस्फोटक और हथियार की बरामदगी, ATS ने की सनातन संस्था से जुड़े 16 लोगों से पूछताछ

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स्वतंत्रता दिवस और ईद उल अज़हा के मौके पर राज्य को दहलाने की साजिश को नाकाम करते हुए महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सनातन संस्था से जुड़े हिंदुवादी आतंकियों से भारी मात्रा में न केवल बमों और विस्फोटक की बरामदगी की है। बल्कि हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है। इस सिलसिले में तीन लोगो को गिरफ्तार किया है।

अब एटीएस ने इस मामले में सनातन संस्था से जुड़े 16 लोगों से पूछताछ की है। एटीएस प्रमुख अतुल चंद्र कुलकर्णी ने कहा कि वे इस बात की जांच करेंगे कि क्या गिरफ्तार लोगों के अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ताओं नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या से भी कोई संबंध थे।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एटीएस ने नालासोपारा, पुणे, सतारा, सोलापुर और राज्य में अन्य जगहों पर कम से कम 16 अन्य लोगों से तीन लोगों के साथ संदिग्ध संबंधों के सिलसिले में पूछताछ की है। एटीएस के अनुसार, गोंधालेकर इस गिरेाह का सरगना था।

उन्होंने कहा कि पुलिस उनके मोबाइल फोन की जांच करके इस बात का पता लगाने की भी कोशिश कर रही है कि क्या गिरफ्तार लोग समान सोच वाले सोशल मीडिया समूहों का हिस्सा थे. उनके मोबाइल फोन विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे।

बता दें कि गोंधालेकर द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना के आधार पर छापेमारी में मैगजीन के साथ 11 देसी तमंचे, एक एयरगन, पिस्तौल की दस नली, छह पिस्तौल मैगजीन, आंशिक रूप से बनी छह पिस्तौल, आंशिक रूप से बनी तीन मैगजीन और हथियार के कई भाग जब्त किये गये। इसके अलावा, बम बनाने की सामग्री, वाहनों की छह नंबर प्लेट, सीडी, पेन ड्राइव, हार्डडिस्क और हैंडबुक और बम बनाने से जुड़े अन्य साहित्य भी बरामद किये।

इससे पहले नालासोपारा में एटीएस ने वैभव राउत के आवास और दुकान पर छापेमारी कर  20 देसी बम और बम सर्किट ड्रॉविंग समेत भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए थे। वैभव राउत सनातन संस्था का पदाधिकारी है। एटीएस का दावा है कि ईद उल अज़हा पर धार्मिक स्थलों पर हमला करने के लिए ये बम बनाए गए थे।

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