जस्टिस चेलामेश्वर बोले हमारा ज़मीर नहीं मानता कि हम पर लगे 20 साल बाद अपने ज़मीर बेचने का आरोप

0
96

आपको बतादे कि हाल ही में जो खबर आई है वो देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों ने प्रेस कांफ्रेंस कर चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया पर सरेआम गंभीर आरोप लगाए हो. जस्टिस चेलमेश्वर की अगुवाई में कुल 4 जजों ने प्रेस कांफ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट की न्यायपालिका की व्यवस्था पर ऊँगली उठाते हुए चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया को कठघरे में ला खड़ा कर दिया.

वहीँ जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा हम नहीं चाहते कि 20 साल बाद कोई कहे कि चारों सीनियर जजों ने अपना जमीर बेच दिया. इसलिए हम मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होंने कहा, भारत समेत किसी भी देश में लोकतंत्र को बरकरार रखने के लिए यह जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्था सही ढंग से काम करे उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस से बात की.

हालाँकि उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी. जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि हमने न्यायपालिका की अनियमितताओं पर बात की, इस मुद्दे को लेकर हमने चार महीने पहले देश जस्टिस को खत लिखा था. जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि अगर हमने देश के सामने ये बातें नहीं रखी और हम नहीं बोले तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा, चीफ जस्टिस पर देश को फैसला करना चाहिए।

इतना ही नहीं हम बस देश का कर्ज अदा कर रहे हैं. 23 जून 1953 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में जन्मे जस्टिस जस्ती चेलामेश्वर केरल और गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे हैं. आपको बता दें कि जस्टिस चेलमेश्वर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद सीनियर मोस्ट जज हैं.