रोहिंग्या मुस्लिमो की मदद के लिए जापान ने दिए 3 मिलियन डॉलर

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म्यांमार में इस समय जैसा की मुसलमानो के साथ अत्याचार हुए है और वो इतने अपने आप को असहाय सा महसूस कर रहे है. वहीँ जापान के विदेश मंत्री ने म्यांमार के नागरिक नेता आंग सान सू की से आग्रह किया है कि वे रोहंग्या के सुरक्षित और स्वैच्छिक वापसी की ज़िम्मेदारी दे जो परेशान राखिने राज्य में हिंसा का शिकार हो रहे है.

इतना ही नहीं जब विदेश मंत्री तारो कोनो म्यांमार की यात्रा की, तो जापान की सरकार ने शरणार्थियों को उनके देश लौटने में मदद करने के लिए शुक्रवार को म्यांमार को 3 मिलियन डॉलर देने का एलान किया है. कोनो की तीन दिवसीय यात्रा में म्यांमार के उत्तरी राखिने की यात्रा भी शामिल है.

आपको बतादे कि जहां से 650,000 से ज्यादा रोहिंग्या सैन्य की क्रूर कार्रवाई से बचने के लिए पड़ोसी बांग्लादेश से भाग गए थे. मानवतावादी समूहों और मीडिया को इन प्रभावित क्षेत्रों में जाने से सक्त मना किया गया है. म्यांमार और बांग्लादेश ने 23 नवंबर को रोहिंग्या शरणार्थियों के उन्हें देश भेजने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

वहीँ म्यांमार ने कहा था कि यह 23 जनवरी से यह काम शुरू किया जाएगा. हालांकि वापसी करने वालों की सही संख्या अभी भी पता नहीं चली है. लेकिन जापान के सामने आने से इतना हो गया की काफी हद तक म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमो की काफी मदद होगी।