सऊदी अरब प्रवासी कर्मचारियों के लिए नहीं रहेगा ये साल अच्छा, निकाले जा सकते है बड़ी संख्या में

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सोशल मीडिया पर इस समय एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जी हाँ सऊदी अरब एशियाई लोगो के सपनो की जगह थी जहाँ उन्हें ना सिर्फ काम मिलता है बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अपने समुदाय से जुड़े रहते है, जितने एशियाई कर्मचारी अरब देशों में कार्यरत है शायद उतने दुनिया के किसी कोने में नही है.

इतना ही नहीं बढती महंगाई के कारण सऊदी अरब में बेरोज़गारी चरम सीमा पर है, शायद सऊदी अरब के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब टैक्स के रूप में सरकार जनता से पैसा वसूल रही है. हम जानते है की यमन युद्ध के कारण सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ा है. जिससे राजकोष को बढ़ाने के लिए वो सभी तरीके अपनाय जा रहे है.

महिलाओं को स्वतंत्रा देना, सऊदी अरब को पश्चिमी देश के मुकाबले खड़ा करना, प्रवासियों के स्थान पर सऊदी नागरिकों को रोज़गार उपलब्ध कराना, मनोरंजन की अधिकता यह सभी कुछ मिशन 2030 के कारण बदलाव में आ रहे हैं. पांच हफ्ते में 253,086 प्रवासी हुए गिरफ्तार जबकि 54,000 से अधिक हुए निर्वासित गोल्ड सेक्टर में काम करने वाले हर प्रवासी को देना होगा 20,000 रियाल जुर्माना

इस कारण सरकार को सऊदी नागरिकों को रोज़गार में प्राथमिकता देनी पड़ रही है। सऊदी अरब में नए नियमों के मुताबिक़, बीमा, दूरसंचार और परिवहन जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे विदेशी नागरिकों को नौकरी से निकालना होगा और सऊदी नागरिकों को नौकरी पर रखना होगा। इस वक़्त सऊदी अरब में काम करने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या क़रीब 80 लाख है।