गौशाला में भूख से तड़प-तड़प कर 36 गायों की हुई मौत

0
66

एक तरह पूरे देश में जहाँ गौरक्षा के नाम पर लिंचिंग की जा रहीं है वहीँ दूसरी तरफ दिल्ली के द्वारका जिले के छावला थाना इलाके की एक गौशाला में दो दिन के अंदर 36 गायों के मरने का मामला सामने आया है. इस गौशाला में डेढ़ से दो हजार गायों को रखा जाता है. लेकिन खानपान में कमी और उचित रखरखाव और स्वास्थ्य देखभाल के अभाव में यहां रहने वाली गायों की स्थिति बहुत बुरी है. शुरूआती जांच पड़ताल के बाद डॉक्टरों का कहना है कि संभवतः गायों की मौत गंदगी और कीचड़ की वजह से हुई किसी बीमारी की वजह से हुई है.

वैसे आपको बता दें की यह कोई पहला मामला नहीं है, जब एक साथ इतनी गायों ने दम तोड़ा. इसी हफ्ते मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के नानपुर की एक गौशाला में भी 25 गायों की मौत हो गई थी. यहाँ डॉक्टरों ने कहा था कि गायों की मौत की वजह फूड प्वाइजनिंग हो सकती है. इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी घटना सामने आई थी जिसमें एक गौशाला में करीब 250 गायों की मौत हो गई थी. लेकिन आपको बता दें की इस तरह के कई मामले सामने आ चुके है.

इन बढ़ते मामलों में ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी बड़ी संख्या में गायों के मारे जाने पर वे गोरक्षक कहां चले जाते हैं, जो कभी गोतस्करी, तो कभी गोमांस के नाम पर अक्सर देश के अलग-अलग हिस्सों में किसी गरीब, बूढ़े, लाचार को पीट-पीटकर मार डालते हैं. हाल ही में राजस्थान के अलवर में मवेशी लेकर आ रहे एक शख्स रकबर की गो रक्षकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. ठीक एक साल पहले इसी अलवर में पहलू खान नाम के एक बुजुर्ग को गोरक्षकों ने गोतस्करी के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला था.

आपको बताते चलें की, इसके अलावा हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार में गोरक्षका के नाम पर हिंसा और मार-पीट की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हर बार इन घटनाओं के बाद बीजेपी और आरएसएस जैसे संगठनों के नेता अपने बचाव में ये तर्क देते हैं कि अगर लोग बीफ खाना बंद कर दें तो मॉब लिंचिंग जैसे अपराध रुक सकते हैं. अलवर की घटना के बाद खुद आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि लोग गाय का मीट खाना बंद कर दें तो इस तरह के अपराधों पर लगाम लग जाएगी.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें