अजित अंजुम का राष्ट्रवादी पत्रकारों से सवाल: ‘ये कैसे सनातनी हैं, जो आतंकियों की तरह बम बना रहे थे’

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वरिष्ठ पत्रकार, अजित अंजुम

स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई के नालासोपारा इलाके से बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। यह विस्फोटक सनातन संस्थान कार्यकर्ता के घर से बरामद हुआ है। बरामद विस्फोटक आरडीएक्स है। माना जा रहा है किसी बड़े हमले को अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी।

इस मामले में वरिष्ट पत्रकार अजित अंजुम ने ट्वीट कर कहा कि ‘ये सनातन संस्था वाले देसी बम-बारूद-डेटोनेटर का क्या करने वाले थे ? देशहित और धर्महित की खातिर इनके बमों का क्या काम? ये कैसे सनातनी हैं, जो आतंकियों की तरह बम बना रहे थे.. ‘देशभक्त’ पत्रकारों-एंकरों को आज इन पर पिल पड़ना चाहिए जैसे किसी दाढ़ी वाले पर पिल पड़ते है.

अजित अंजुम के इस ट्वीट को एक यूजर ने हिन्दू धर्म से भी जोड़ने की भी कोशिश की। यूजर ने कहा, ‘दाढ़ी आपकी भी है और आप खुलकर बोल भी रहे है। कितनी बार आप पर हमला हुआ। सभी आतंकी घटना में मुसलमानों का हाथ होता है आप कभी इस्लाम को इसका जिम्मेदार नहीं बताया। घटना और जिम्मेदार लोगों को गलत बोलिये सनातन धर्म पर उँगली उठाने की जुर्रत नहीं किजिये। आप सनातनी नही है तो हमे गाली देंगे।

जिस पर उन्होने लिखा, मुंबई की उस संस्था का नाम सनातन संस्था है। मैंने धर्म पर ऊंगली नहीं उठाई है। हिन्दू धर्म कभी ऐसी सीख नहीं देता है। मेरा भी धर्म हिन्दू धर्म है। सवाल उनका है, जो धर्म को बदनाम करते हैं। उस संस्था का इतिहास भी ऐसा ही रहा है।

बता दें सनातन संस्थान की स्थापना 1999 में जयंत बालाजी अठावले ने की थी। सनातन संस्थान से जुड़े लोगों को चार जगहों- वाशी, ठाणे, पनवेल (सभी 2007 में हुए) और गोवा (2009 में) धमाकों, साल 2013 में नरेंद्र दाभोलकर की हत्या और 2015 में गोविंद पनसारे औप एमएम कलबुर्गी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

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