ATS का दावा – हिंदुवादियों से मिले क्रूड बम, रैलियों में हमले की आशंका

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मुंबई के निकट नालासोपारा से भारी मात्रा में विस्फोटक की बरामदगी के मामले में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने दावा या किया कि हिंदुवादी आतंकियों के पास बरामद क्रूड बम थे। जिनका इस्तेमाल रैलियों में किया जा सकता था। ताकि भगदड़ मच सके।

संडे एक्सप्रेस को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “बम लो एक्सप्लोसिव डिवाइस थे, इससे बड़े पैमाने पर तबाही नहीं की जा सकती है, इसका इस्तेमाल पब्लिक मीटिंग में…जैसे कि विरोध मार्च में फेंकने के लिए किया जा सकता था। हालांकि अभी ये जानकारी शुरुआती पूछताछ में आई है, हमलोग पूछताछ में मिले तथ्यों को वेरीफाई कर रहे हैं।”

वहीं फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से जुड़े लोगों का कहना है कि सभी बम सील थे, इनमें एक मीटर से कम का सेफ्टी फ्यूज लगा था, इस पर ताकत, दवाब, घर्षण, आग लगने से फायरिंग मैकेनिज्म चालू हो जाता, और नॉन इलेक्ट्रानिक डिटोनेटर में आग पकड़ लेता इसके बाद जिलेटिन स्टिक या फिर बारुद में ब्लास्ट होता। आरोपी का मकसद बम को फेंकने के बाद भाग जाने का था।”

अधिकारी ने कहा कि बम फेंकने के बाद घटनास्थल से भागने के लिए आरोपी के पास लगभग एक मिनट का समय होता, ये बम कम क्षमता के थे, और इसका मकसद हड़बड़ी पैदा करना था, बड़े पैमाने पर हमला करना नहीं।”एक अधिकारी ने कहा, “ये बम पाउच जैसे हैं, इसमें कुछ काला पदार्थ हैं, हम लोग ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ये बारूद है।”

इसी बीच सनातन संस्था के अड्डों से छापेमारी में मैगजीन के साथ 11 देसी तमंचे, एक एयरगन, पिस्तौल की दस नली, छह पिस्तौल मैगजीन, आंशिक रूप से बनी छह पिस्तौल, आंशिक रूप से बनी तीन मैगजीन और हथियार के कई भाग जब्त किये। इसके अलावा, बम बनाने की सामग्री, वाहनों की छह नंबर प्लेट, सीडी, पेन ड्राइव, हार्डडिस्क और हैंडबुक और बम बनाने से जुड़े अन्य साहित्य भी बरामद किय।

बताया जा रहा है कि वैभव राउत, शरद कालास्कर और सुधन्वा गोंधालेकर की गिरफ्तारी के बाद 16 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। ऐसे में अभी और बड़े खुलासे हो सकते है।

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