मोदी सरकार के खिलाफ किसानों का दिल्ली कूच, मुरादनगर पहुंची क्रांति यात्रा

0
30

कर्ज माफी की मांग को लेकर किसानों ने मोदी सरकार के खिलाफ मौर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले निकली किसान क्रांति पदयात्रा के तहत हजारों की संख्या में किसान दिल्ली कूच कर रहे है। ये किसान कर्जमाफी, बिजली के दाम घटाने जैसी कई मांगों को लेकर दिल्ली पहुंच रहे हैं।

किसानों की ‘किसान क्रान्ति यात्रा’ 2 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचेगी। एएनआई के मुताबिक, भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कई किसान ‘किसान क्रान्ति यात्रा’ को लेकर हरिद्वार से दिल्ली पहुंच रहे हैं। ये रैली 2 अक्टूबर को दिल्ली पहुंच रही है।

बता दें कि भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की समस्याओं को लेकर हरिद्वार से दिल्ली तक यात्रा का ऐलान किया था।किसानों की ये यात्रा हरिद्वार से 23 सितंबर कर चली थी। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि किसान क्रांति यात्रा के जरिए वो नौ मांगो को लेकर सरकार से सवाल कर रहे हैं। इसमें किसानों की पूर्ण कर्जमाफी सबसे अहम है।

#किसान_रत्न चौधरी चरण सिंह और बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की आत्मा, किसानों की एकता को देख कर आज प्रसन्न हो रही होगी।यही वो समीकरण है जिसने किसानों के वजूद को जिंदा रखा है।किसान ना हिन्दू है ना मुसलमान है, किसान बस किसान है।#किसान_क्रांति_यात्रा

Posted by किसान का सच on Friday, September 28, 2018

टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है और इसी के चलते देशभर में किसान आंदोलन करने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा जिससे किसान रोज कर्ज में दब रहा है और आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 20 सालों में 3 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं, उन्होंने मांग की कि जिन किसानों ने आत्महत्या की उनके परिवारों का पुर्नवास किया जाए और उन्हें नौकरी दी जाए।

राकेश टिकैत ने कहा कि किसाना की एक न्यूनतम आय सुनिश्चित की जाये, 60 साल की आयु के बाद किसान को 5,000 रुपए प्रति माह पेंशन दी जाए, साथ ही आवारा पशुओं से खेतों की सुरक्षा के लिए भी कोई योजना बनाई जाए। टिकैत ने इसके अलावा किसानों के गन्ना का बकाया भुगतान ब्याज के कराने, किसानों को सिंचाई के लिए फ्री में बिजली, एनजीटी के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 10 वर्ष से पुराने डीजल वाहनों पर लगाई रोक से किसानों के ट्रैक्टरों तथा कृषि कार्य में प्रयोग होने वाले डीजल इंजन को मुक्त किया जाने और खेती में उपयोग होने वाली सभी वस्तुओं को जीएसटी से बाहर किया जाए की मांग की है।

दशकों बाद ये समीकरण किसान आंदोलन में बना है।पश्चिम यूपी के किसान आंदोलन पहले भी इसीलिए सफल होते थे क्योंकि किसान अपने…

Posted by किसान का सच on Friday, September 28, 2018

ये हैं किसानों की मांगें

  • स्वामीनाथन की रिपोर्ट को जल्द लागू की जाए।
  • शुगर मिलों से बकाया गन्ना भुगतान तुरंत दिया जाए।
  • भुगतान में 14 दिन से ज्यादा देरी होने पर किसान को ब्याज मिले।
  • किसानों को गन्ना मूल्य 450 रुपये कुतंल मिले।
  • दस साल पुराने ट्रैक्टरों को तोड़ने का फैसला वापस लिया जाए।
  • किसानों को 60 साल बाद नौकरी करने वालों की तर्ज पर पेंशन मिले।
  • किसानों की फसल का वाजिब दाम बाजार दर के मुताबिक मिले।
  • बिजली की बढाई गई दरों को तुरंत वापस लिया जाए।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें