मेरठ केस: लड़की से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों का गोरखपुर तबादला

0
21

उत्तर प्रदेश के मेरठ में हाल ही में अपने मुस्लिम सहपाठी के साथ होने पर वीएचपी कार्यकर्ताओं और यूपी पुलिस की गुंडागर्दी का शिकार हुई मेडिकल छात्रा के मामले में चार में से तीन आरोपी पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर भेज दिया गया है।

निष्पक्ष जांच के नाम पर आरोपियों का ट्रांसफर वीआईपी ज़िले में किए जाने को लेकर सवाल उठाना शुरू हो गए है। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। बता दें कि मेडिकल छात्रा को उसके मुस्लिम सहपाठी के साथ होने के कारण वीएचपी के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की थी। जिसमे पुलिस ने भी कथित तौर पर उनका साथ दिया था।

इतना ही नहीं घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें महिला सिपाही पुलिस जीप में ही लड़की की पिटाई करती नजर आ रही थी। साथ ही पुरुष पुलिसकर्मी लड़की को बेहद गंदे और अश्लील शब्दों में धमका रहे थे। पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने उसके सहपाठी पर रेप का फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का भी दबाव बनाया था।

पीड़ित युवक ने बताया कि छात्रा किताब लेने उसके घर आई थी। जैसी ही वो घर से निकल रही थी, तभी 15-16 लोग उसके घर में घुस आए और नाम पूछने लगे। इसके बाद लव जिहाद का आरोप लगाकर उन्होंने पीटना शुरू कर दिया। मारपीट करने वालों में से एक ने उसे गोली मारने तक की धमकी दी है।

छात्र ने बताया कि मारपीट के दौरान उसकी आंख और नाक से खून बह रहा था, लेकिन इसके बावजूद भी वे रुके नहीं। वे लगातार प्राइवेट पार्ट में मारते रहे, आंख से लगातार खून बह रहा था, सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी, लगा कि शायद मैं नहीं बच पाउंगा।

युवक ने कहा कि ‘वे लड़की को अलग ले गए, मुझे बहुत पीटते रहे। उन्होंने मेरे प्राइवेट पार्ट्स पर भी बहुत पीटा। पुलिस के कुछ लोग आ गए। वे भी मुझे पिटते हुए देखते रहे। पुलिस वाले भी मुझे गाली दे रहे थे। वे लोग मुझे मुल्ला बोल रहे थे, सुअर बोल रहे थे। फिर थाने की पुलिस आई तो बचाकर ले गई।’

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें