महाराष्ट्र: ओवैसी-अंबेडकर ने मिलाया हाथ, दलित-मुस्लिम गठजोड़ होगा मजबूत

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दलित नेता प्रकाश आंबेडकर की भारिपा बहुजन महासंघ और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) मंगलवार को गांधी जयंती के मौके पर मराठवाड़ा इलाके के औरंगाबाद में साझा रैली कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, 2019 में लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए एकसाथ आकर गठबंधन बनाएंगे।औवेसी ने कहा, ‘प्रकाश आंबेडकर जी (बीबीएम प्रमुख) दो अक्तूबर को औरंगाबाद में जनसभा को संबोधित करेंगे जिसमें मैं भी उपस्थित रहूंगा। गठबंधन का औपचारिक ढांचा बाद में घोषित किया जायेगा।’

औरंगाबाद से एआईएमआईएम के विधायक इम्तियाज जलील ने कहा कि गठबंधन का विचार 70 सालों से उपेक्षित दलितों, मुस्लिमों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को साथ लाना है। इनका राजनीति में समुचित प्रतिनिधित्व नहीं है और इनका उपयोग वोट बैंक की तरह किया जाता है।

उन्होंने बताया, ‘यह सभी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के लिए शर्म की बात है कि महाराष्ट्र से संसद में मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं है। हर कोई उनका वोट चाहता है लेकिन प्रतिनिधित्व कोई नहीं देना चाहता। यही स्थिति दलितों की भी है।’ पूर्व विधायक और बीबीएम के नेता हरिभाऊ भाले ने कहा कि दलित, मुस्लिम और अन्य पिछड़ा वर्ग मुख्यधारा की पार्टियों से परेशान हैं।

बता दें कि महाराष्ट्र में 17 पर्सेंट दलित और 13 फीसदी मुस्लिम आबादी है। औरंगाबाद, बीड, नांदेड़ और उस्मानाबाद में बड़ी तादाद में मुसलमान रहते हैं। इसके अलावा परभनी, लातूर, जालना और हिंगोली जैसे जिलों में भी मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। जबकि दलित समुदाय वाले क्षेत्रों में औरंगाबाद, बीड,लातूर, उस्मानाबाद और नांदेड़ आते हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी को दो सीटें मिली थी। इसके अलावा स्थानीय निकायों में AIMIM के करीब 150 प्रतिनिधि चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे।

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