जालसाजी के चलते वर्ल्‍ड बैंक ने ‘जय मोदी’ पर लगाया बैन

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भारत की ऑलिव हेल्थ केयर और जय मोदी को जालसाजी और भ्रष्टाचारपूर्ण तरीकों के कारण वर्ल्ड बैंक ने बैन कर दिया है। विश्व बैंक ने कुछ और भारतीय कंपनियों और लोगों को बैन किया है।

जानकारी के अनुसार,  ये दोनों कंपनियां बांग्लादेश में वर्ल्ड बैंक के एक प्रोजेक्ट पर काम कर रही थीं। ऑलिव हेल्थ पर 10 साल छह महीनों के लिए और जय मोदी पर सात साल छह महीनों के लिए रोक लगाई गई है। प्रतिबंधित कंपनियों की सूची में भारत की एंजेलिक इंटरनेशनल लिमिटेड, फैमिली केयर, मधुकॉन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, आरकेडी कंस्ट्रक्सन लिमिटेड शामिल हैं।

वर्ल्‍ड बैंक ने एंजेलिक इंटरनेशनल लिमिटेड पर चार साल छह महीने के लिए रोक लगाई गई है। यह नेपाल और इथियोपिया में काम कर रही थी। भारत की कंपनी फैमिली केयर पर भी चार सालों के लिए रोक लगाई गई है। ये कंपनी अर्जेंटीना और बांग्लादेश में कुछ प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही थी।

धोखाधड़ी के मामले में भारत की कंपनी मधुकॉन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर दो साल के लिए रोक लगाई गई है। मधुकॉन वर्ल्ड बैंक के प्रोजेक्ट पर भारत में काम कर रही थी। इसी तरह आरकेडी कॉन्स्ट्रक्शन लिमिटेड को भी एक साल छह महीनों के लिए रोक लगा दी गई है। भारत की ही कुछ कंपनियों पर एक साल से कम के लिए भी रोक लगाई गई है।

वर्ल्ड बैंक ने बताया कि ये बैन इंटिग्रेटी वाइस प्रेसिडेंट (आईएनटी), ऑफिस ऑफ सस्पेंशन एंड डिबारमेंट और सैंक्शन बोर्ड ने पिछले साल की बैंक ग्रुप सैंक्शन सिस्टम की गतिविधियों पर एक रिपोर्ट तैयार की, जिसके मुताबिक ये फैसला लिया गया है।

आईएनटी वर्ल्ड बैंक के प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार रोकने के लिए काम करता है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आईएनटी के स्टाफ ने 390 प्रोजेक्ट्स का आकलन किया, ताकि इसमें ऐसे खतरों को कम किया जा सके।

इन 78 कंपनियों के अलावा पांच फर्मों को सशर्त नॉन डिबारमेंट की शर्त के साथ सैंक्शन किया गया गया है। इसका मतलब ये कंपनियां वर्ल्ड बैंक के प्रोजेक्ट्स में शामिल तो होंगी लेकिन अगर उन्होंने शर्तों को पूरा नहीं किया तो उन्हें बैन कर दिया जाएगा।

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