बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों के इलाज के लिए मदद करती है ये मस्जिद

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भारत में आमतौर मस्जिद का प्रयोग नमाज अदा करने के लिए किया जाता है। ज्यादा से ज्यादा धार्मिक कामों को मस्जिद से अंजाम दिया जाता है। लेकिन बेंगलुरु की मस्जिद चारमीनार से सामाजिक कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। जो एक बड़ी मिसाल है।

ये मस्जिद हर महीने 175 जरूरतमंदों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता देती है। इनमें ज्यादातर डॉयलिसिस कराने वाले मरीज होते हैं। इन मरीजों में सभी धर्म के लोग है। जिसके साथ धर्म या फिर जाति का भेद भाव नहीं किया जाता।

मस्जिद से जुड़े लोगों का कहना है कि हर महीने मस्जिद की तरफ से तकरीबन ढाई लाख रुपये तक की मदद जरूरतमंदों को की जाती है। मस्जिद पिछले चार साल से मदद के काम में लगी हुई है।

मस्जिद के संचालन से जुड़े लोगों और धर्मगुरुओं का कहना है कि शरीयत में मस्जिद को सिर्फ नमाज और इबादत में ही नहीं बांध कर रखा जा सकता, बल्कि इसका दायरा बहुत बड़ा होता है।

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