मेवाती परिवार की संपत्ति पर कब्जे के लिए दलित से बन गए मुस्लिम

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अलीगढ़ के जवां क्षेत्र के गांव रिगसपुरी में गांव छोड़कर हरियाणा जाकर बसे मेवाती परिवार की संपत्ति पर कब्जे की खातिर हाथरस के दलित जाति के दो युवक मुस्लिम बन गए। इतना ही नहीं इन युवकों में से एक ने उसी परिवार की युवती से निकाह भी कर लिया।

अब पीड़ित पक्ष ने तथ्यों व खंड विकास अधिकारी की रिपोर्ट के साथ पुलिस से शिकायत की है। जिसमें धर्म बदलकर व मृत व्यक्ति के नाम पर खुद खड़े होकर जमीन कब्जाने की साजिश का आरोप है। भाजपा जिला महामंत्री गौरव शर्मा व डॉ. निशित शर्मा की मदद से यह शिकायत गांव के इलियास खां पुत्र अलीमुद्दीन की ओर से एसएसपी दफ्तर में दी गई है।

गांव रिगसपुरी के चाहत खां कई साल पूर्व पत्नी मेहरून निशा, दो बेटों रहीश खां व भौदा खां को लेकर हरियाणा के नूह जिले के पिछोर इलाके में रहने लगे थे। वहां चाहत खां, मेहरून निशा व भौंदा खां की एक-एक कर मौ*त हो गई। गांव में चाहत खां के नाम मकान व खेत था। इस वजह से रहीश खां वर्ष 2012 में हरियाणा से गांव आ गया। उसने जमीन का इलियास खां, इरशाद खां, मोहम्मद आरिफ के नाम बैनामा कर दिया।

इसी बीच गांव के अकरम खां ने जमीन हड़पने की नीयत से योजना के तहत फर्जी तरीके से हाथरस के जलालपुर निवासी अनुसूचित जाति के राजनलाल व जितेंद्रपाल सिंह का धर्म परिवर्तन कराकर कथित रूप से रहीश व भौंदा खां बताकर बैनामे में आपत्ति दाखिल करा दी। पीड़ितों ने खोजबीन कर पाया कि जो लोग खुद को मृत भौंदा व रईस बता रहे हैं। वह हाथरस जनपद के दलित हैं। वहां उनके गांव में उनके नाम, पते वोटर लिस्ट में दर्ज हैं।

साथ ही यह पाया कि दलितों की बहन को भी मुस्लिम बनाकर यहां रिगसपुरी के ही दूसरे मुसलिम आरोपी ने शादी कर ली है। ताकि वह खुद को उनका बहनोई बता सके। इस तरह जमीन पर कब्जे के लिए यह साजिश रची गई है। शिकायत में दलितों के मूल पते के प्रधान के लिखित प्रमाण, वोटर लिस्ट व रिगसपुरी प्रधान की रिपोर्ट तक लगाई है। इसे लेकर सीओ तृतीय ने एसओ जवां को जांच के निर्देश दिए हैं।

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