बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे को हुई उम्रकैद

0
60

बांग्लादेश की एक अदालत ने बुधवार को 2004 के ग्रे-नेड हमले के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के भगोड़े बेटे तारिक रहमान को उम्रकैद और 19 अन्य को फांसी की सजा सुनाई है। इस हमले में 24 लोग मा*रे गए थे और उस समय विपक्षी पार्टी की प्रमुख रहीं शेख हसीना सहित करीब 500 लोग घायल हो गए थे।

बांग्लादेश की मौजूदा प्रधानमंत्री हसीना को लक्ष्य बनाते हुए यह हमला 21 अगस्त, 2004 को अवामी लीग की एक रैली पर किया गया था। हसीना इस हमले में बच गईं थीं लेकिन उनके सुनने की क्षमता को कुछ नुकसान हुआ था। प्रधानमंत्री हसीना ने मामले की सुनवाई के दौरान ही आरोप लगाया था कि अवामी लीग की 2004 की रैली में ग्रेनेड से हमला करने के पीछे खालिया जिया का हाथ था।

आरोपियों को अदालत लाने के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। रहमान पर उसकी गैरमौजूदगी में मुकदमा चला और अदालत ने उसे एक भगोड़ा करार दिया।  वह फिलहाल लंदन में रह रहा है और माना जा रहा है कि उसने वहां शरण मांगी है। हालांकि ब्रिटिश अधिकारियों ने उसकी आव्रजन स्थिति के बारे में बताने से इनकार कर दिया है।

जांच में पाया गया कि रहमान समेत बीएनपी नीत सरकार के प्रभावी धड़े ने आतंकवादी संगठन हरकतुल जिहाद अल इस्लामी के आतंकवादियों से यह हमला कराने की योजना बनाई थी और हमले को प्रायोजित किया था। गौरतलब है कि खालिदा जिया भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद हैं।

ढाका के फास्ट ट्रैक ट्रिब्यूनल के न्यायाधीश शाहिद नुरुद्दीन ने यह फैसला सुनाया जिसमें रहमान को 18 अन्य लोगों के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई गई। पूर्व गृह राज्य मंत्री लुत्फोजमां बाबर भी शामिल है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें