दिल्ली: स्कूल में धार्मिक भेदभाव करना पड़ा महंगा, प्रिंसिपल को किया गया सस्पेंड

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राजधानी दिल्ली के वजीराबाद गांव में एमसीडी के एक स्कूल में प्रिंसिपल को बच्चों के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव करना महंगा पड़ गया। इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य को प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि वजीराबाद के एक प्राइमरी स्कूल में हिंदू और मुस्लिम बच्चों के अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं। करीब 3 महीने से धर्म आधारित सेक्शन चलाए जाने का मामला सामने आने के बाद स्कूल के इंचार्ज सीबी सिंह शेरावत को निलंबित किया गया।

निगम की एक टीम ने स्कूल का दौरा कर बच्चों से भी बातचीत कर पूरी स्थिति का जायजा लिया है। जांच टीम ने स्कूल से बच्चों की हाजिरी के रजिस्टर और जरूरी कागजात जब्त किए हैं। उत्तरी दिल्ली नगर निगम महापौर आदेश गुप्ता ने कहा कि बृहस्पतिवार सुबह तक रिपोर्ट आ जाएगी। फिलहाल, प्रिंसिपल को जुर्माने के साथ निलंबित किया गया है। इसमें प्रोमोशन और इंक्रीमेंट नहीं होंगे।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘मामला बहुत गंभीर है। यह देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकता है। यह संविधान के खिलाफ साजिश है। मैंने शिक्षा विभाग के निदेशक से मामले की जांच करने और शुक्रवार तक रिपोर्ट देने को कहा है।’ वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पत्रकारों से कहा, ‘हमें अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। लेकिन, हमने मीडिया की खबर को पढ़ा है। मैंने रिपोर्ट मांगी है।’

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, वजीराबाद, गली नंबर-9 में नॉर्थ एमसीडी ब्वॉयज स्कूल के अटेंडेंस रिकॉर्ड से पता चलता है कि धर्म के आधार पर अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार क्लास-1ए में 36 हिंदू, 1बी में 36 मुस्लिम, क्लास-2ए में 47 हिंदू, 2बी में 26 मुस्लिम और 15 हिंदू है। वहीं 2सी में 40 मुस्लिम छात्र हैं।

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