म्यांमार का बड़ा धोखा – भेजे गए फॉर्म में रोहिंग्याओं को बताना होगा खुद को बंगाली

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अपनी पहचान को लेकर संघर्ष कर रहे रोहिंग्या मुस्लिमों के साथ म्यांमार सरकार ने एक बार फिर से बड़ा धोखा किया है।दरअसल, म्यांमार सरकार से प्राप्त फॉर्मों ने रोहिंग्याओं खुद को बंगाली बताने को कहा गया है। साथ ही शरणार्थियों को डर है कि दस्तावेज उन्हें ऐसी जमीन पर निर्वासित करने के लिए हैं, ‘जहां रोहिंग्या अभी भी बड़े स्तर पर मारे जा रहे हैं।

फॉर्म के मुताबिक, ‘रोहिंग्या शरणार्थियों का व्यक्तिगत विवरण मांगा जा रहा है। बर्मीज के साथ अंग्रेजी में प्रिंट यह फॉर्म नाम, स्थान, जन्म, धर्म, आंखों का रंग और राष्ट्रीय पहचान के साथ किसी भी तरह के आपराधिक मामले का विवरण मांग रहा है, जिसकी वजह से उनकी विदेश यात्रा पर रोक लग सकती है।’

इस फॉर्म की शरुआत 1 ‘अमेम म्यांमार बंगाली’ और 2 ‘अक्रिन अमे म्यांमार बंगाली’ के कॉलम के साथ हो रही है। इसका मतलब है कि फॉर्म भरने वाले को ‘नाम’ और ‘अन्य नाम’ के साथ यह भी डिक्लेयर करना है कि ‘मैं म्यांमार में बंगाली हूं’।

मदनपुर खादर शिविर के निवासी अब्दुल्ला ने कहा, ‘इसका मतलब यह है कि मैं म्यांमार में एक बंगाली हूं, जो पूरी तरह से गलत है। हमारी पूरी लड़ाई हमारी पहचान के लिए थी। यह हमें वापस भेजने के लिए एक चाल है। हम नहीं जाना चाहते हैं।’ फॉर्म 1 अक्टूबर को संबंधित पुलिस स्टेशनों द्वारा शरणार्थियों को दिए गए थे, लेकिन अब तक खाली हैं।

पूर्वोत्तर दिल्ली के खजूरी खास कैंप के निवासी अब्दुल ने कहा, ‘हमें डीटेल्स भरने के लिए कहा गया था। हमने भारत में सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया है, लेकिन हम इस तरह के फॉर्म नहीं भर सकते। दो दिन पहले मेरे होम टाउन रखाइन प्रांत के मौंगदाऊ क्षेत्र में दो रोहिंग्याओं को मार दिया गया। जब तक हमारे लिए सुरक्षित जगह नहीं होगी हम वापस नहीं जाएंगे।’

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