मुजफ्फरनगर दंगा पीड़िता को अगवा कर किया गया सामूहिक बला’त्कार

0
233

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दंगा पीड़ित कॉलोनी से सोमवार की देर रात तमंचे के बल पर एक युवती का अपहरण कर गैंगरेप का मामला सामने आया है। युवती की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

बताया जा रहा है कि पीड़ित युवती का परिवार 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद गांव छोड़कर राहत शिविर में रह रहा था। हाल ही में जमीयत द्वारा बसाई गई कालोनी में शिफ्ट हुआ था।  पीड़िता का मां ने बताया कि सोमवार की देर रात वह अपनी बेटी और दो लड़कों के साथ घर में सोई हुई थी। उसी दौरान दो युवक घर में घुसकर तमंचे के बल पर उसकी बेटी को जबरदस्ती उठाकर पड़ोस के मकान में ले गए और गैंगरेप की घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।

पीड़ित परिवार की लिखित तहरीर पर पुलिस पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए आलाधिकारियों ने टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ़्तारी के आदेश कर दिए है। एसपी देहात अलोक शर्मा ने बताया कि कोतवाल को जांच के लिए निर्देशित किया गया है, जो भी साक्ष्य होंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी और 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगा मामले में कोर्ट ने सबूतों के अभाव में 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में अभियोजन की ओर से पेश किए गए तीन गवाह अपने बयान से पलट गए। जिसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार तिवारी ने सभा आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 395 (डकैती) और 436 (आगजनी) के आरोपों से बरी कर दिया।

बरी होने वाले आरोपियों में नरेंद्र उर्फ लाला, काला उर्फ धर्मेंद्र, विजेंद्र, राजेंद्र, अनुज, अमित, ब्रहम, सुरेंद्र उर्फ बाबू, ऋषिदेव, कृष्ण, नीशू, शोकेन्द्र एवं बिटटू उर्फ, अरुण निवासीगण लिसाढ थाना फुगाना शामिल है। इन सभी को आईपीसी की धारा 395, 436, 295क के तहत आरोपी बनाया था।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें