वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगनमोहन रेड्डी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने 46 वर्षीय जगन मोहन रेड्डी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। आंध्र प्रदेश के बंटवारे के बाद जगन राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले दूसरे व्यक्ति हैं।

तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू उनके शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंचे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि जगनमोहन ने फोन करके चंद्रबाबू को भी आमंत्रित किया था, लेकिन नायडू ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने का फैसला किया। द्रमुक पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव समारोह में मौजूद रहे। बता दें कि जगन की पार्टी ने इस बार हुए विधानसभा चुनाव में 175 सीटों वाली विधानसभा में 151 सीटें जीती थीं।

जगनमोहन ने शपथ के बाद कहा- ‘‘दोनों तेलुगु राज्य (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) विकास चाहते हैं। दोनों के बीच रिश्ते बहुत अच्छे हैं।’’ वहीं, चंद्रशेखर राव ने कहा, ‘‘वे एक युवा नेता हैं। उन पर बड़ी जिम्मेदारी है। सिर्फ अच्छे रिश्तों और वार्ता से ही दो तेलुगु राज्यों का विकास संभव है। जगन लगातार 3-4 बार मुख्यमंत्री बन सकते हैं।’’

जगन आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के बेटे हैं। वे कडप्पा सीट से सांसद भी रहे हैं। जगन के पिता राजशेखर रेड्डी की 2009 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद से उन्हें कांग्रेस पार्टी की तरफ से पिता की जगह मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से उन्हें निराशा हाथ लगी। कांग्रेस पार्टी से नाराज होकर जगन 2011 में अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाई।