हार को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी ने खोला मोर्चा – संगठन सिर्फ कागजों पर, नेताओं को जमीनी हकीकत का पता नहीं

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देवास-शाजापुर संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रहलाद टिपानिया ने लोकसभा चुनाव में मिली हार के लिए कांग्रेस के ही बड़े नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस में जातिवादी मानसिकता के लोग बड़े पदों पर बैठे हैं। जो जमीनी कार्यकर्ताओं को न मिलते और न ही उन्हें तवज्जो देते हैं।

टिपानिया ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी  का संगठन कागजों पर ही नजर आता हैय कांग्रेस का संगठन जमीनी हकीकत से बेख़बर है। पार्टी के बड़े नेता ही कांग्रेस में गुटबाजी और हार का बड़ा कारण हैं। कांग्रेस प्रत्याशी ने यह भी कहा कि पार्टी में समर्पित रूप से काम करने वाले कार्यकर्ताओं की कमी है।

कबीर पंथी भजन गायक पद्मश्री प्रहलाद टिपानिया देवास-शाजापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। भाजपा के महेन्द्र सिंह सोलंकी ने टिपानिया को 3 लाख 72 हजार 249 वोट से पराजित किया था। चुनाव में डाले गए 13 लाख 98 हजार 946 वोट में से टिपानिया को 4 लाख 90 हजार 180 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि भाजपा के सोलंकी को 8 लाख 62 हजार 429 वोट मिले थे।

गौरतलब रहे कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को खुद अमेठी लोकसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा है। राहुल गांधी की हार के कारणों का पता लगाने वाली कांग्रेस की दो सदस्यीय समिति को बताया गया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का सहयोग नहीं मिलना उनकी हार के लिए जिम्मेदार है।

वहीं यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में उनके प्रतिनिधि कांग्रेस सचिव जुबेर खान और के. एल. शर्मा को स्पष्ट तौर पर बताया गया कि सपा और बसपा की अमेठी इकाइयों ने कांग्रेस को सहयोग नहीं किया और उनके एक बड़े वर्ग का वोट भाजपा को चला गया। फिलहाल राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के लिए अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा है कि पार्टी नया अध्यक्ष पद ढूंढ़ ले।

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