पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त बोले – EVM और VVPAT से छेड़छाड़ मुमकिन तो नहीं लेकिन…

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लोकसभा चुनाव का रिजल्ट आ जाने के बाद अब मंत्रिमंडल का भी गठन हो चुका है मगर ईवीएम-वीवीपैट पर शंकाएं दूर नहीं हो रही है। अब पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा है कि ईवीएम-वीवीपैट सिस्टम में कोई गड़बड़ी संभव नहीं है। लेकिन चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह इस सिलसिले में विपक्ष और जनसामान्य के सारे संदेह दूर करे।

दरअसल, हाल के लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने आरोप लगाया था कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट (वोटर वेरिफाइड पेपर ट्रेल मशीन) से छेड़छाड़ की जा रही है। चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज कर दिया था। आरोपों के बारे में टिप्पणी पूछे जाने पर कुरैशी ने कहा, ‘ईवीएम या वीवीपैट प्रणाली में छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। मशीन अलग आंकड़े नहीं दिखा सकती।’

उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक बार आप बटन दबाएंगे, उसमें एक ही आंकड़ा होगा। मैं आरोप समझ भी नहीं पा रहा। हालांकि, चुनाव आयोग को विपक्ष और लोगों को यह समझाना चाहिए कि प्रणाली पुख्ता है। हमें लोगों को साथ लेना होगा।’ उन्होंने दिल्ली में एक समारोह में कहा कि कि लोगों का विश्वास बरकरार रखना होगा और उसे जीतना होगा। कुरैशी ने कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ नहीं हो सकती क्योंकि कई जांचें होती हैं।

साथ ही कुरैशी ने कहा कि काफी समय से लंबित चुनाव सुधारों को लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने जर्मनी की चुनाव प्रणाली पर बहस कराने का सुझाव दिया जिसमें राजनीतिक दलों को आनुपातिक प्रतिनिधित्व दिया जाता है।

कुरैशी ने कहा, मुझे उम्मीद है कि वे इस शासनकाल में चुनाव सुधारों पर ध्यान देंगे जो काफी समय करीब 15 से 20 साल से लंबित है। इन्हें लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के चुनाव खर्च की सीमा तय होनी चाहिए और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक कॉलेजियम के माध्यम से की जानी चाहिए।

कुरैशी ने फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (एफपीटीपी) चुनाव प्रणाली पर बहस के लिए जोर दिया, जिसमें देश में सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार को जीत मिलती है।

कुरैशी के अनुसार, यहां तक की ब्रिटेन, जहां से भारत ने यह मॉडल उधार लिया है, वह भी इस प्रणाली पर दोबारा विचार कर रहा है। कुरैशी के अनुसार, जर्मनी का चुनाव मॉडल सबसे अच्छा है जहां जर्मन मतदाता दो वोट (एक अपने क्षेत्र के उम्मीदवार के लिए और एक राजनीतिक दल के लिए) देते हैं।

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