मायावती का अखिलेश यादव को जवाब – अकेले ही लड़ेंगे अब विधानसभा का उपचुनाव

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लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 15 सीट जीतने वाला सपा-बसपा गठबंधन एक तरह से टूट ही गया है। जिसका सिर्फ ओपचारिक ऐलान होना बाकी रह गया।

दरअसल, लोकसभा चुनाव में हार को लेकर बसपा अध्यक्ष मायावती ने यादव वोट को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि गठबंधन को यादवों का वोट नहीं मिला। सपा उम्मीदवार सिर्फ मुस्लिम वोटो के दम पर ही जीतें। कन्नौज में डिंपल यादव और फिरोजाबाद में अक्षय यादव का हार जाना हमें बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करता है। उन्होंने कहा कि बसपा और सपा का बेस वोट जुड़ने के बाद इन उम्मीदवारों को हारना नहीं चाहिए था।

इसके साथ ही उन्होने उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 11 सीटों पर होने वाला उपचुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है।जिसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी खुलकर सामने आ गए है। उन्होंने कहा कि सपा उपचुनाव अकेले लड़ेगी. सपा अध्यक्ष ने कहा कि हम अपनी जमीन तैयार कर चुनाव लड़ेंगे।

मायावती के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन के बारे में सोचकर विचार करेंगे, अगर रास्ते अलग हैं तो हम भी लोगों का स्वागत करेंगे। सपा प्रमुख ने कहा कि उपचुनाव में अगर अकेले लड़ने का फैसला हुआ है, तो फिर हम भी अकेले ही चुनाव लड़ने की तैयारी करेंगे। अखिलेश यादव के इस बयान से साफ हो गया है कि सपा-बसपा की दोस्ती खत्म हो गई है।

आपको बता दें कि बसपा सुप्रमो मायावती ने भी इससे पहले संभावित उपचुनाव अपने बलबूते लड़ने की पुष्टि करते हुए कहा था कि इससे सपा के साथ गठबंधन के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। माया ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव से उनके रिश्ते कभी खत्म नहीं होने वाले हैं। मायावती ने कहा, ‘सपा के साथ यादव वोट भी नहीं टिका रहा। अगर सपा प्रमुख अपने राजनीतिक कार्यों के साथ अपने लोगों को मिशनरी बनाने में सफल रहे तो साथ चलने की सोचेंगे। फिलहाल हमने उपचुनावों में अकेले लड़ने का फैसला किया है।’

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न हुये लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से नौ भाजपा विधायकों और सपा, बसपा के एक एक विधायक के सांसद बनने के बाद रिक्त होने वाली 11 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव संभावित है।

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