पूर्व सैनिक सनाउल्लाह को विदेशी नागरिक घोषित करने के मामले में जांच अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज

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रिटायर्ड सैन्यकर्मी मोहम्मद सनाउल्लाह को पिछले महीने ‘अवैध नागरिक’ घोषित किए जाने के मामले में नया मोड आया है। इस मामले में अब जांच अधिकारी सवालों के घेरे में है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

रिटायर्ड पुलिसकर्मी के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है जिसने पूर्व सेना अधिकारी मोहम्मद सनाउल्लाह को ‘विदेशी’ घोषित करने वाले दस्तावेजों की पुष्टि की थी और उनका बयान दर्ज किया था। अधिकारियों ने बताया कि तीन लोगों ने बोको पुलिस थाने में असम सीमा पुलिस के सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर चंद्रामल दास के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई। इन तीन लोगों के नाम सनाउल्लाह के बयान में गवाह के तौर पर सामने आए थे।

बोको पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी जोगेन बर्मन ने बताया कि मोहम्मद कुरान अली, सुवाहन अली और अजमल अली ने प्राथमिकियों में आरोप लगाया कि सनाउल्लाह के मामले की जांच कर रहे दास ने उन्हें गवाह के तौर पर किसी बयान या किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर के लिए नहीं बुलाया था। बर्मन ने बताया कि पुलिस ने बर्मन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में तीन मामले में दर्ज किए।

तीनों व्यक्तियों ने अपनी शिकायतों में यह भी कहा कि सनाउल्लाह असली भारतीय नागरिक हैं और उन्हें ‘‘असम सीमा पुलिस ने प्रताड़ित किया जिसने उन्हें संदेहात्मक मतदाता घोषित करने के लिए साजिश रची।’’

सनाउल्लाह के रिश्तेदार फजलूल हक का कहना है कि गवाह उनके गांव के थे। लेकिन इलाके के इंस्पेक्टर ने षड़यंत्र किया, गवाहों की सूची में फर्जी तरीके से नाम शामिल किया और गलत बयान दर्ज कराए। जब उन लोगों को जानकारी मिली तो उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया। लेकिन पुलिस के एक भी अधिकारी ने उनके बयान को दर्ज नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिस शख्स ने सेना में रहते हुए लड़ाई लड़ी और देश की सेवी की उसे अपनी नागरिकता साबित करने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है।

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