ममता की मौजूदगी में बोले काजी साहब – किसी पार्टी के भरोसे न रहे मुसलमान, कोई साथ नहीं देने वाला

0
107

कोलकाता: लोकसभा चुनाव में भाजपा नीत राजग की प्रचंड जीत से विपक्ष सदमे में है। ऐसे में अब विपक्ष को वोट बैंक के तौर पर मुस्लिम समाज ही नजर आ रहा है। ईद के मौके पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुस्लिम उपदेशक काजी फजलुर रहमान ने बड़ी बात कह डाली।

प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में रहमान ने मुस्लिमों से किसी भी राजनीतिक पार्टी पर निर्भर नहीं रहने की नसीहत दी। अल्पसंख्यक समुदाय को संबोधित करते हुए रहमान ने किसी भी राजनीतिक पार्टी या किसी व्यक्तिगत राजनेता का नाम नहीं लिया।

अपने संबोधन में रहमान ने कहा, ‘अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस या उस पार्टी पर निर्भर ना रहें। इस समय कई ऐसे लोग आगे आए हैं, जिनके पास एक प्लान और अजेंडा है और यह समुदाय के पक्ष में नहीं है। मैंने सुना है कि कई मुस्लिम कहते हैं कि यह पार्टी हमारे हितों की रक्षा करेगी या फिर वह पार्टी हमारे विकास के लिए काम करेगी। कोई नहीं करेगा। आपने देखा है कि क्या हुआ है। खुद के भीतर झांकिए और अल्लाह में विश्वास कीजिए।’

रहमान ने आगे कहा, ‘आज कई अहम पदों पर ऐसे लोग बैठे हैं जो किसी खास प्लान और अजेंडा से काम कर रहे हैं। वे आपकी हर गतिविधि पर नजरें टिकाए हैं। गृहमंत्री (अमित शाह) ने पहले से ही कहा हुआ है कि बंगाल में एनआरसी लागू करेंगे। आप अपने व्यवसाय और बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दीजिए।’

उन्होंने आगे कहा, ‘यदि कोई आपसे नफरत करता है या फिर हिंसक है तो आप उससे उलझिए मत उसे फूल दीजिए। इस्लाम ने हमें यही सिखाया है। विचारधारा के स्तर पर कोई आपका विरोध करता है तो आप उसकी तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाइए। ऐसा कोई नियम नहीं है कि जो हमारा विरोध करता है हम उससे हाथ ना मिलाएं या उसके साथ मिलकर ना रहें। यह मत भूलिए कि हम इस देश के नागरिक हैं और यहां हमारा बराबर अधिकार है।’

2011 में भी रहमान ने सत्तारूढ़ टीएमसी को चेताते हुए कहा था कि वह समाज विशेष के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह समर्पित नहीं दिख रही है जबकि इस समाज के वोटरों की बदौलत वह सरकार में आई है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें