तबरेज अंसारी के लिए यूपी में सड़कों पर उतरे छात्र, मॉब लिंचिंग पर रोक की उठाई मांग

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झारखंड के कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र में कथित चोरी के आरोप में 24 साल के तबरेज़ अंसारी की पिटाई के बाद हुई मौत के मामले ने देश की जनता के गुस्से को मॉब लिंचिंग खिलाफ सुलगा दिया है। देश के सबसे बड़े आबड़ी वाले राज्य उत्तरप्रदेश में इस घटना बुधवार को काफी तीखा विरोध देखने को मिला।

इलाहबाद हो या गाजियाबाद, बनारस हो या भदोही, AMU हो या BHU, प्रदेश के हर हिस्से में लोगों ने सड़कों पर उयतर कर मॉब लिंचिंग के खिलाफ सरकार के रवैये की तीखी आलोचना की।

इस दौरान हाथों में तख्तियाँ लेकर लोग तबरेज के हत्यारों के खिलाफ फांसी की मांग करते हुए नजर आए। साथ ही सरकार से मॉब लिंचिंग पर कानून बनाने की भी मांग की।

बता दें कि 17 जून की रात में खरसावां के क़दमडीहा निवासी तबरेज़ को कुछ लोगों ने खंभे में बांधकर बेदर्दी से पीटा थे। इस दौरान उससे नाम पूछ कर ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे भी लगवाए गए।

तबरेज के पत्नी शाइस्ता परवीन ने पुलिस को अपनी शिकातय में कहा है कि 17 जून को उसके पति जमशेदपुर जा रहे थे, उसी दौरान धातकीडीह गांव में पप्पू मंडल और उनके लोगों ने उनके साथ मारपीट की।

तबरेज के पत्नी का कहना है कि उनलोगों ने रात भर उनके पति को बिजली के खंंभे में बांधकर रखा गया। इस दौरान उनसे जबरन जय श्री राम और जय हनुमान का नारा भी लगवाया गया। 

शाइस्ता परवीन ने शिकायत मेंकहा कि रातभर मारपीट किए जाने के बाद सुबह उनके पति को सरायकेला जेल भेज दिया गया। तबरेज़ की शादी इसी साल 27 अप्रैल को हुई थी।

इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्य सभा में अपनी प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कहा है कि युवक की हत्या का दुख सबको है, और होना भी चाहिए, लेकिन इस एक घटना के लिए पूरे झारखंड को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए इस हत्या का हवाला दिया था। मोदी ने कहा कि विपक्ष झारखंड के बारे में कह रहा है कि यह प्रदेश मॉब लिंचिंग का अड्डा बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”विपक्ष कह रहा है कि झारखंड मॉब लिंचिंग का अड्डा बन गया है। हमें युवक की मौत का दुख है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। लेकिन क्या इसके लिए पूरे झारखंड को बदनाम करना ठीक है? इससे किसी का भला नहीं होगा। अपराध होने पर उचित क़ानून और संविधान के दायरे में कार्रवाई करनी चाहिए।”

मोदी ने कहा, ”दुनिया में आतंकवाद को गुड और बैड के नज़रिए से नहीं देखना होगा। हिंसा को हम अलग-अलग चश्मे से नहीं देख सकते हैं। मानवता के प्रति हमारी संवेदनशीलता रहनी चाहिए। हम केरल और पश्चिम बंगाल की हिंसा को अलग-अलग नज़रिए से नहीं देख सकते। जिसने यह काम किया है उसे कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।”

प्रधानमंत्री ने कहा, ”मैं समझता हूं कि राजनीतिक चश्मे उतारकर देखना चाहिए। अगर ऐसा करेंगे तो उज्ज्वल भविष्य नज़र आएगा। जिन लोगों ने दिल्ली की सड़कों पर गले में टायर लटका कर सिखों को जला दिया था और उनमें संदिग्ध रहे कई लोग संवैधानिक पदों पर बैठे हैं।”

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