एर्दोगन की अमेरिका को दो टूक – तुर्की ‘डील ऑफ सेंचुरी’ को कभी स्वीकार नहीं करेगा

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तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने अमेरिया को दो टूक शब्दों में कहा कि अंकारा अमेरिका की ‘मध्य पूर्व शांति योजना’ यानि ‘डील ऑफ सेंचुरी’ को कभी भी स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व में अमेरिकी शांति योजना के साथ तुर्की के लिए सकारात्मक रूप से निपटना असंभव है।” इस डील का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन लीक से पता चला है कि यह फिलीस्तीनी अधिकारों की कीमत पर इजरायल के हितों की पक्षधर है।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष को हल करने की कसम खाई है और उनके सलाहकार और दामाद जेरेड कुशनर ने एक योजना बनाई है। जिसे ही डील ऑफ सेंचुरी कहा गया है। ट्रंप का कहना है कि वह इसे हासिल करेंगे।

फिलिस्तीन इस डील को पहले ही नकार चुका है। फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री ने अमेरिका पर फिलिस्तीन सरकार के खिलाफ आर्थिक और राजनीतिक युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया है। कुछ दिनों पहले फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री मोहम्मद इश्ताये ने बयान जारी कर कहा कि फिलिस्तीन मूल रूप से  इजरायल-फिलिस्तीन विवाद को खत्म करने की अमेरिकी पहल को खारिज करता है।

मोहम्मद इश्ताये ने कहा, “ट्रंप प्रशासन द्वारा अमेरिकी दूतावास को जेरूशलम स्थानांतरित करने और वॉशिंगटन में फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (पीएलओ) का कार्यालय बंद करने के बाद हमने ‘डील ऑफ द सेंचुरी’ को अस्वीकार कर दिया है।”

प्रधानमंत्री इश्ताये ने आगे कहा कि अमेरिका और इजरायल मिलकर फिलिस्तीनियों तथा फिलिस्तीनी प्रशासन के खिलाफ आर्थिक युद्ध शुरू कर रहे हैं। उनके अनुसार अमेरिका ने मुख्य रूप से यूनाइटेड नेशंस एजेंसी फॉर फिलिस्तीनी रिफ्यूजीज (यूएनआरडब्ल्यूए) को दी जाने वाली वार्षिक राशि पर रोक लगा दी है।

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