जय श्रीराम का नारा लगाने को किया मजबूर तो बुजुर्ग ने सुना दी रामायण की चौपाई

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भगवान राम के नाम पर गुंडागर्दी का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तबरेज अंसारी की ह’त्या के बाद देश भर में राम के नाम पर हिंसा के मामले में सामने आ रहे है। इसी बीच झारखंड के जामताड़ा में एक बुजुर्ग को जबरन जय श्रीराम के नारे लगाने को कहा गया। बुजुर्ग ने जय श्रीराम का नारा तो नहीं लगाया, लेकिन रामायण की चौपाई सुनाकर युवकों की बोलती बंद कर दी।

जानकारी के अनुसार, फल विक्रेता मोहनलाल रविवार सुबह यहां मस्जिद रोड पर अपना ठेला लगा फल बेच रहा था। इस दौरान एक कार में सवार लोगों ने फल विक्रेता से कहा कि वह अपना ठेला सड़क से लें, कार निकलने की जगह नहीं है। फल विक्रेता मोहनलाल ने कहा मालिक और भी गाड़ियां इस रास्ते से आ-जा रही हैं। कहीं जाम नहीं लग रहा। आपकी कार भी निकल जाएगी। ठेला हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इतना सुनकर कार सवार युवकों ने बहस शुरू कर दी और इसके बाद जय श्रीराम बोलने को कहा। फिर क्या था फल विक्रेता मोहनलाल ने न केवल जय श्री राम का नारा लगाया बल्कि रामचरित मानस की चौपाई भी सुना दी।  बुजुर्ग ने कहा- ‘बैर न कर काहू सन कोई,  राम प्रताप विषमता खोई।’ चौपाई सुनते ही युवकों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। इसके बाद तब तक वहां भीड़ जुटने लगी थी जिसे देखकर युवक वहां से फरार हो गए।

बुजुर्ग का कहना है कि यह आपसी सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि युवकों ने कार से उतरकर पहले ठेले को हटाने के लिए कहा इसके बाद जय श्रीराम बोलने को कहा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि कार सवार युवकों की तलाश की जा रही है।

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