अमेरिका देने जा रहा भारत को नाटो जैसा दर्जा, सीनेट में विधेयक हुआ पारित

0
788

अमेरिकी सीनेट ने भारत को नाटो सहयोगियों जैसा दर्जा देने के लिए एक विधेयक को पारित किया है। यह विधेयक भारत को अमेरिका के नाटो सहयोगियों के बराबर का दर्जा प्रदान करता है। विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद अब रक्षा संबंधों के मामले में अमेरिका भारत के साथ नाटो के अपने सहयोगी देशों, इजरायल और साउथ कोरिया की तर्ज पर ही डील करेगा।

वित्तीय वर्ष 2020 के लिए नेशनल डिफेंस ऑथराइज़ेशन एक्ट को अमेरकी सीनेट ने पिछले हफ्ते ही मंज़ूरी दी है। अब इसमें संशोधन की स्वीकृति भी मिल गई है। सेनेटर जॉन कॉर्निन और मार्क वॉर्नर ने विधेयक प्रस्तुत करते हुए कहा था कि हिंद महासागर में भारत के साथ मानवीय सहयोग, आतंक के खिलाफ संघर्ष, काउंटर-पाइरेसी और मैरीटाइम सिक्यॉरिटी पर काम करने की जरूरत है।

इस विधेयक को अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों- प्रतिनिधि सभा और सीनेट में पास होने के बाद कानून में बदला जाएगा। आशा जताई जा रही है कि 29 जुलाई से शुरू होने वाले एक महीने के अवकाश से पहले ही इस विधेयक को प्रतिनिधि सभा में पास करने के लिए पेश किया जाएगा।

बता दें कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) विभिन्न देशों का रक्षा सहयोग संगठन है। इसकी स्थापना 4 अप्रैल 1949 को हुई थी जिसका मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में है। आरम्भ में नाटो के सदस्य देशों की संख्या 12 थी जो अब बढ़कर 29 हो चुकी है। नाटो का सबसे नया सदस्य देश मोंटेनिग्रो है, यह 5 जून, 2017 को नाटो का सदस्य बना था। नाटो के सभी सदस्यों की संयुक्त सैन्य खर्च दुनिया के कुल रक्षा खर्च का 70 फीसदी से अधिक है।

नाटो में संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, कनाडा, इटली, नीदरलैंड, आइसलैण्ड, बेल्जियम, लक्जमर्ग, नार्वे, पुर्तगाल, डेनमार्क, अल्बानिया, बुल्गारिया, क्रोएशिया, चेक रिपब्लिक, इस्तोनिया, जर्मनी, ग्रीस, लातविया, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, मोंटेनिग्रो, पोलैंड, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, तुर्की, रोमानिया शामील है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें