लखनऊ में लोगों को इमरजेंसी की स्थिति में जाम में फंसने पर क्लियर रास्ता उपलब्ध कराने के लिए 42 चौराहों में इमरजेंसी बटन सर्विस शुरू की जा रही है. हजरतगंज, आईजीपी और पॉलीटेक्निक चौराहे पर इसका आगाज भी हो चुका है. इस नए सिस्टम से आकस्मिक स्थिति में जरूरतमंद के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, ताकि वह समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचा सके.साथ ही इस सिस्टम से लोग हादसे व अन्य घटनाओं की जानकारी भी पुलिस को दे सकेंगे.

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि राजधानी में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ही इस नई प्रणाली को लागू किया गया है. इससे जाम में फंसे अकस्मात स्थिति वाले ज़रूरतमंद लोगों को रहत मिलेगी. इसका इस्तेमाल एंबुलेंस से मरीज लेकर जाते समय कोई भी नजदीक के चौराहे पर कर सकता है. इमरजेंसी बटन सर्विस से वह बटन दबाकर अपना संदेश छोड़ सकता है. जो सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को मिलेगा. वहां से जिस रूट पर एंबुलेंस या अपने निजी वाहन से मरीज को लेकर जाना होगा, उस पर तत्काल इमरजेंसी ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर दिया जाएगा.

इस इमरजेंसी बटन सर्विस के जरिये लोग पुलिस कंट्रोल रूम को हादसों की भी सूचना दे सकते हैं, ताकि समय से एंबुलेंस और पुलिस उपलब्ध हो सके. इस प्रणाली के लिए राजधानी के 42 चौराहों को चुना गया है. इन चौराहों पर इमरजेंसी बटन सर्विस को लगाया जाना है. इसकी शुरुआत बुधवार शाम से कर दी गई है. दो दिनों में इस सिस्टम को हजरतगंज चौराहे, वीमेन पावर लाइन 1090 चौराहा, इंदिरागांधी प्रतिष्ठाना चौराहा और पॉलीटेक्निक चौराहे पर लगाया गया है. चुने गये बाकि सभी 42 चौराहों पर यह सिस्टम 20 मार्च तक लगा दिया जाएगा.