एक नये शोध में दूध और कैंसर का सम्बन्ध पता चला है. शोधकर्ताओं का कहना है कि डेयरी के दूध कम मात्रा में लेने से भी महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 80% तक बढ़ सकता है. हालांकि, यह दूध के सेवन पर निर्भर करता है. अमेरिका में लोमा लिंडा यूनिवर्सिटी से जुड़े गैरी ई. फ्रेजर ने कहा- इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि डेयरी दूध पीने के कारण महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होता है. प्रतिदिन 1/4 से 1/3 कप डेयरी दूध का सेवन ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है. इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट के स्टडी के लिए 53,000 उत्तर अमेरिकी महिलाओं के आहार का मूल्यांकन किया गया. इनमें से सभी शुरू में कैंसर से मुक्त थीं. आठ साल तक महिलाओं पर शोध किया गया.

शोधकर्ताओं ने कहा- प्रतिदिन एक कप दूध पीने से संबंधित जोखिम 50% तक बढ़ जाता है. वहीं, प्रतिदिन दो से तीन कप पीने वालों के लिए जोखिम बढ़कर 70 से 80% हो जाता है. स्टडी के दौरान महिलाओं के आहार का 24 घंटे मूल्यांकन किया गया. इसके साथ ही उनके जनसांख्यिकी, ब्रेस्ट कैंसर का पारिवारिक इतिहास, शारीरिक गतिविधियां, शराब की खपत, हार्मोनल और अन्य दवाओं का इस्तेमाल, प्रजनन और स्त्री रोग संबंधी बातों का ध्यान रखा गया.

अध्ययन के अंत में देखा गया कि 1,057 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले हैं. उनके आहार के विश्लेषण से सोया उत्पादों और ब्रेस्ट कैंसर के बीच कोई स्पष्ट लिंक सामने नहीं आया. शोधकर्ताओं ने कहा कि फैट और कम या नॉनफैट दूध का सेवन करने से भी रिजल्ट में थोड़ी भिन्नता थी. डॉक्टर फ्रेजर के मुताबिक, डेयरी फूड और इसमें भी खासतौर पर दूध ज्यादा खतरनाक हैं. आंकड़े बताते हैं कि सोया दूध को इसके विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर खतरा कम किया जा सकता है. इसका अर्थ ये हुआ कि अगर डेयरी दूध की बजाए हम इसके विकल्पों का प्रयोग करे तो ये सेहत के लिहाज से ज्यादा बेहतर होंगे.

शोधकर्ताओं के अनुसार, डेयरी दूध से ब्रेस्ट कैंसर का संभावित कारण डेयरी दूध का सेक्स हार्मोन कंटेंट हो सकता है. गाय बेशक स्तनपान कराती हैं और अक्सर डेयरी में लगभग 75% गर्भवती होती हैं. महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर हार्मोन संबंधित कैंसर है। इसके अलावा, कुछ रिपोर्टों में डेयरी और अन्य जानवरों के प्रोटीन का सेवन हार्मोन के उच्च रक्त स्तर, इंसुलिन जैसी वृद्धि कारक-1 के साथ भी जुड़ा हुआ है, जिसे कुछ कैंसर को बढ़ावा देने के लिए माना जाता है.