एक बार फिर आगे बढ़ेगा लॉकडाउन? गृह मंत्रालय कर रहा है मुख्यमंत्रियों से विचार-विमर्श

0
78

देश भर में संभवत लॉक’डाउन के पांचवे चरण की तयारी शुरू हो गयी है. गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लॉक’डाउन को लेकर बातचीत की है. देशव्यापी लॉक’डाउन का चौथा चरण 31 मई को खत्म हो रहा है और इससे पहले ही गृह मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से इसे लेकर राय ली. इस दौरान आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉक’डाउन सबसे पहले 25 मार्च को लगाया था और इसके बाद इसे तीन बार बढ़ाया जा चुका है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और लॉक’डाउन को 31 मई के बाद बढ़ाए जाने पर उनके विचार जाने.’ मुख्यमंत्रियों के साथ अपनी बातचीत के दौरान शाह ने राज्यों के चिंताजनक स्थिति वाले क्षेत्रों के बारे में उनके विचार जाने और एक जून के बाद किन क्षेत्रों को खोलना चाहते हैं, इस बारे में भी उनसे राय ली गई.

उधर, लॉक’डाउन का चौथा चरण समाप्त होने से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय पिछले चौंसठ दिनों के लॉक’डाउन की पूर्ण समीक्षा करने में व्यस्त है. गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर एक जून से अपनाई जाने वाली संबंधित रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है. भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “पिछले कई दिनों से यहां लगातार समीक्षा की जा रही है लेकिन आखिरकार यह एक राजनीतिक फ़ैसला होगा कि राष्ट्रीय आप’दा प्रबंधन का’नून को जारी रखना है, या राज्यों को एक जून से अंतिम रूप देना है कि वे किस तरह से आगे बढ़ना चाहते हैं.” उनके अनुसार निर्णय पीएमओ द्वारा राज्य प्रशासन से प्राप्त डाटा और फीड बैक पर आधारित होगा. अधिकारी उस डेटा को स्कैन भी कर रहे हैं जो केंद्र ने स्वतंत्र रूप से एकत्रित किया है. माना जा सकता है कि इसी आधार पर तय होगा कि लॉक’डाउन आगे बढाया जाये या नहीं.

कोरोना वायरस के प्रको’प से देश के सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों और जिलों पर सरकार ने खास ध्‍यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है. कोरोना की ‘चेन’ को तोड़ने के लिए सरकार यहां की भौगोलिक स्थिति को ध्‍यान में रखकर कोरोना वायरस मामलों की निगरानी और क्‍वारंटाइन के लिए ‘टॉप टु बॉटम’ रुख अपनाएगी. कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और नगर निगम आयुक्तों और जिला मजिस्ट्रेटों के बीच दो घंटे की वीडियो कॉल के दौरान गुरुवार को मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और दिल्ली सहित 13 शहरों के लिए कोविड-19 की सम्‍मिलन योजना की शुरुआत की गई. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, “नगरीय निकाय के अधिकारियों के साथ चर्चा के दौराना वायरस का प्रसार रोकने के लिए उपायों पर चर्चा की गई.” आज की बैठक इस लिहाज से अहम थी क्‍योंकि इन 13 शहरों से ही देश के कुल मामलों के करीब 70 फीसदी मामले आए हैं. अकेले महानगर मुंबई में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्‍या 35 हजार पहुंच गई है ज‍बकि देश की राजधानी दिल्‍ली से अब तक करीब 15 हजार मामले सामने आए हैं.

यह टीशर्ट खरीदने के लिए इस फोटो पर क्लिक करें