भारत और चीन के बीच चल रहा सीमा वि’वाद अब कुछ और ही रंग लेता दिख रहा है. सीमारेखा को लेकर शुरू हुआ वि’वाद अब यु’द्ध की तैयारियों में बदलता दिख रहा है. कम से कम सीमा पर हो रही दोनों देशों की सक्रियता तो यही इशारा करती है. एक ओर जहाँ चीन ने सीमा पर पर’माणु हथि’यार तक तैनात कर दिए हैं तो वहीँ, भारत भी इसका जवाब देने की तैयारियों में जुटा है. इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री और सेना के शीर्ष अधिकारियों ने पूर्वी लद्दाख की सुरक्षा हालात की समीक्षा भी की.

सीमा पार की हरकतों का जवाब देने और यु’द्ध जैसी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारियां तेज करने पर चर्चा हुई. बता दें कि अब तक भारत और चीन के मध्य हुई सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता भी कुछ ख़ास सकारात्मक प्रभाव नही बना पायी है. इसी को मद्देनज़र रखते हुए सेना ने लद्दाख सेक्टर में सर्दियों के दौरान भी सैनिकों की अच्छी संख्या और हथि’यार बनाए रखने की जरूरी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. इस विषय पर हुई बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, एनएसए अजीत डोभाल, सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे और अन्य शीर्ष अधिकारी सम्मिलित हुए.

चीन सामरिक मामलों में विशेषज्ञता रखने वाली कई अधिकारी भी इस बैठक का अहम हिस्सा बने. विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला और रक्षा सचिव अजय कुमार भी इसमें शामिल थे. दूसरी ओर, चीन ने कहा कि भारत के साथ सीमा समस्या को द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य हालात में रखा जाना चाहिए. साथ ही दोनों देशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि मत’भेद बढ़ते-बढ़ते विवा’दों में न बदल जाएँ. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग को उम्मीद है कि नई दिल्ली द्विपक्षीय संबंधों के समग्र हितों की रक्षा के लिए मिलकर काम करेगी.