कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते बड़े पैमाने पर दुनिया में लोग बेरोजगार हुए हैं. भारत में भी इस दौरान नौकरी गंवाने वालों की तादाद बढ़ी है. ऐसे में केंद्रीय श्रम मंत्रालय बेरोजगारों को कुछ राहत देने पर विचार कर रहा है. श्रम मंत्रालय के नए प्रस्ताव के मुताबिक इएसआईसी से सम्बंधित बेरोजगार हुए लोगों को 6 महीने के लिए बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा. यह भत्ता आखिरी वेतन का आधा होगा. यानि यदि किसी कर्मचारी की तनख्वाह 10,000 रुपये थी तो उसे पांच हज़ार रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा.

एक रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्ताव को 20 अगस्त को ईएसआईसी के सदस्यों की बैठक के दौरान पेश किया जायेगा. बता दें कि इस प्रस्ताव और भी कई आकर्षण जोड़े गए हैं. अभी तक बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए ज़रूरी था कि कर्मचारी ने कम से कम दो साल तक लगातार नौकरी की हो, लेकिन अब यह समय सीमा घटा कर मात्र 78 दिन कर दी गयी है.

इतना ही नहीं, अब से पहले तक बेरोजगारी भत्ते की अधिकतम राशि आखिरी वेतन का मात्र 25 फीसदी हिस्सा हो होती थी, लेकिन अब इसे बढ़ा कर 50 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अलावा अभी तक बेरोजगारी भत्ता मात्र तीन महीने के लिए ही दिया जाता था, लेकिन अब इसमें और 3 महीनों का इजाफा कर दिया गया है. यानि अब बेरोजगारी भत्ता न केवल पहले से बढ़कर मिलेगा, बल्कि पहले से ज्यादा समय तक मिलेगा. साथ ही नौकरी छूटने से पहले नौकरी करने की न्यूनतम समयसीमा 2 साल से घटा कर मात्र 2 महीने कर दी गयी है.