भारत सरकार के नए आदेश के तहत 3 हवाई अड्डों का निजीकरण होने जा रहा है। इसके तहत जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट को पीपीपी मॉडल के तहत लीज पर देने का फैसला किया गया है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, ये तीनों हवाई अड्डे 50 साल के लिए लीज पर दिए जाएंगे। एयरपोर्ट लीज पर देने से निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। एयरपोर्ट चलाने में होने वाले नुकसान में कमी होगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इससे 1070 करोड़ रुपये मिलेंगे।

आपको बताते चलें कि, इस रकम का इस्तेमाल एयपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया छोटे शहरों में एयरपोर्ट बनाने और यात्रियों की सुविधाओं में खर्च करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी विस्तार से केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

देश के और 6 एयरपोर्ट का मैनेजमेंट और ऑपरेशन प्राइवेट प्लेयर को दिया गया है। Airport Authority of India के पास अभी भी 100 से ज्यादा एयरपोर्ट हैं. AAI के 90 से ज्यादा एयरपोर्ट घाटे में चल रहे हैं। केंद्र सरकार ने बीते साल सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत परिचालन, प्रबंधन और विकास के लिए कुछ दिन पहले ही सरकार ने 6 एयरपोर्ट लीज पर दिए हैं।