दक्षिण अफ्रीकी विश्वविद्यालय के व्याख्याता शाहिद बिन युसेफ ने केप टाउन से जेरूसलम की अल-अक्सा मस्जिद तक पैदल यात्रा की। अब वह सऊदी अरब स्थित मक्का और मदीना तक पैदल यात्रा जारी रखने की योजना बना रहे हैं।

शाहिद केप टाउन से 15 अगस्त, 2018 को रवाना हुए थे। फरवरी में अल-अक्सा मस्जिद में पहुंचा, जो फरवरी में अल अक्सा पहुंचे। गाजा पहुंचने से पहले वह जिम्बाब्वे, जांबिया, तंजानिया, केन्या, इथियोपिया, सूडान और मिस्र से होकर गुजरे।

उन्होने गाजा के माध्यम से यरूशलेम की ओर अपना रास्ता जारी रखने का प्रयास किया, लेकिन इ’जरा’यल ने उन्हे रोक दिया। जिसके बाद वह मिस्र और सिनाई और जॉर्डन की और चले गए और वहाँ से, वह यरूशलेम आए।

COVID-19 मह’मारी के कारण उन्हे अल-अक्सा मस्जिद में ही रहना पड़ा, जिससे उन्होने अल्लाह की रहमत बताया। उन्होने कहा कि वह मुसलमानों के लिए दुनिया में तीसरा सबसे पवित्र स्थान छोड़ने में असमर्थ थे।

शाहिद ने कहा, “अल्लाह की इबादत करों, मेरे पास अल-अक्सा मस्जिद में पांचों वक्त नमाज अदा करने का मौका है।” उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि अल-अक्सा में रात तक पांचों नमाज अदा की गई।”

दक्षिण अफ्रीका विश्वविद्यालय के पूर्व व्याख्याता माई स्पिरिटेड स्ट्रगल शीर्षक के तहत एक किताब लिखने की योजना बना रहे हैं, जिसमें वह अपनी यात्रा का दस्तावेजीकरण करने की योजना बना रहे हैं।

अल-अक्सा मस्जिद छोड़ने के बाद, वह मुसलमानों के लिए दूसरा सबसे पवित्र शहर मदीना (पीबीयूएच) में पैगंबर मुहम्मद की मस्जिद का दौरा करने और फिर मक्का में हज करने के लिए सऊदी अरब जाने का इरादा रखते है।