एक तरफ पूरी दुनिया पैसे की तंगी से जूझ रही है वही एक तरफ चीन जहां अपने देश में गरीबी पूरी तरह से खत्म होने का दावा कर रहा है, तो वहीं दूसरी ओर इस देश के भिखारी दिन-प्रतिदिन आधुनिक होते जा रहे हैं और वो डिजिटल होते जा रहे है.

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि चीन के भिखारी इन दिनों भीख मांगने के लिए ई-वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं जी हां कमाल है ना इसके पीछे की वजह ये है कि चीन में तकनीक काफी उन्नत है और यहां के लोग कैश के बजाए कार्ड लेकर चलते हैं। ऐसे में भिखारियों को पैसा नहीं मिल पाता था.

चीन के भिखारियों के बारे में जिक्र करने के पीछे की वजह है भारत के सर्वो’च्च अदा’लत में आई एक या’चि’का आपको बता दें कि याचिका में भीख मांगने को अ’प’राध की श्रेणी से हटाने के निर्देश देने की बात कही गई है और याचि’का’क’र्ता का ऐसा कहना है कि अगर भीख मांगना अ’प’राध हो जाएगा, तो लोगों के पास वाकई में भूखे मरने या कोई खराब काम चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा इस या’चिका पर सु’प्रीम को’र्ट ने केंद्र समेत कुछ राज्यों से जबाव मांगा है.

लेकिन वही दूसरी तरफ चीन में डिजिटल क्रांति के कारण यहां के भिखारी भी आधुनिक हो चुके हैं और इस देश के भिखारी अपने साथ ई-पेमेंट की सुविधा लेकर चलते हैं, ताकि कोई छुट्टे पैसे ना होने का बहाना ना कर सके.

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में भिखारी QR कोड के साथ एक पेपर लेकर शहर के पर्यटन स्थलों या शॉपिंग मॉल जैसी जगहों पर खड़े हो जाते हैं और ऐसी जगहों पर काफी सैलानी और स्थानीय लोग भी आते रहते हैं ऐसे में उन्हें काफी भीख मिल जाती है.

बता दें कि चीन की दो सबसे बड़ी ई-वॉलेट कंपनियां इस काम में भिखारियों की मदद करती हैं जो की है एलिपे और वीचैट वॉलेट ने भिखारियों से साठगांठ कर ली है और भिखारी जैसे ही QR कोड की मदद से पैसे लेते हैं, तो देने वालों का डाटा कंपनियों के पास चला जाता है और इन कंपनियों के द्वारा इस डाटा का इस्तेमाल अपने विज्ञापनों या फिर ऐसे ही किसी फायदे के लिए किया जाता है