कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के चलते डोमेस्टिक फ्लाइट्स में टिकटों की बुकिंग घट गई है. ऐसे में माना जा रहा था कि एयरलाइंस कंपनियां लागत निकालने के लिए किराये में इजाफा कर सकती है. हालांकि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने लोगों को बड़ी राहत देते हुए 31 मई 2021 तक घरेलू उड़ानों का किराया न बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

इतना ही नहीं मिनिस्ट्री ने बताया है कि अगले महीने के अंत तक 80 फीसदी एयरलाइन कैपेसिटी को भी बरकरार रखा जाएगा. जबकि एयरलाइंस कंपनियों ने कोरोना संक्रमण के चलते टिकटों की बुकिंग घटता देख सरकार से कैपासिटी कम करके 60 फीसदी करने की अपील की थी.

एयरलाइंस कंपनियों ने पेश की थी 3 मांगे
कोरोना के प्रकोप के चलते एविएशन कंपनियों के बिजनेस पर काफी बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में व्यवस्था को सुधारने के लिए कंपनियां लगातार कोशिशें कर रही हैं. इसी सिलसिले में एविएशन कंपनियों ने अप्रैल की शुरुआत में सरकार से मदद मांगी थी. उन्होंने सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के सामने तीन मांगें रखी थीं. जिसमें सरकार से वित्तीय मदद देने की मांग की गई थी जिससे उनका कारोबार चलता रहे. दूसरी मांग ये थी कि डोमेस्टि फ्लाइट्स में कैपासिटी कैप को 80 फीसदी से घटाकर 60 फीसदी कर दिया जाए. वहीं तीसरी मांग सरकार लोअर फेयर लिमिट को सख्ती से लागू कराए थी.

पिछले साल दो महीने स्थगित थी घरेलू उड़ानें
मालूम हो कि पिछले साल कोरोना संक्रमण के चलते हवाई यात्रा पर रोक लगा दी गई थी. करीब दो महीने तक घरेलू उड़ाने पूरी तरह स्थगित थी. इसके बाद 25 मई से सेवाएं दोबारा बहाल की गई थी. सरकार ने सबसे पहले 33 फीसदी क्षमता के साथ ही फ्लाइट्स ऑपरेट करने की छूट दी थी. धीरे-धीरे लिमिट को बढ़ाया गया था.